अपराध

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ईडी ने रंजीत ग्रुप की कंपनियों पर दर्ज की अभियोजन शिकायत

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13 दिन पहले कुर्क की थीं 27.30 करोड़ की अचल संपत्तियां 

भोपाल। कैश क्रेडिट लिमिट का लाभ उठाकर बैंक ऑफ बड़ौदा से 34.36 करोड़ की धोखाधड़ी करने के मामले में मेसर्स रंजीत ऑटो मोबाइल्स प्रायवेट लिमिटेड, मेसर्स रंजीत मोटर्स प्रायवेट लिमिटेड सहित अन्य के विरुद्ध सीबीआई और एसटीबी, भोपाल द्वारा पूर्व में विभिन्न धाराओं में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय भोपाल में इन कंपनियों के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायालय (पीएमएलए), भोपाल के समक्ष विगत 23 सितम्बर को प्राथमिक शिकायत (पीई) दर्ज कराई है। न्यायालय ने इस मामले में विगत 26 सितम्बर को धन शोधन के अपराध का संज्ञान लिया है। इस प्रकरण में विगत 16 सितम्बर को ईडी ने आरोपी कंपनी और संचालकों की भोपाल स्थित 27.30 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया था।

आरोपियों ने इस तरह की धोखाधड़ी 

सीबीआई और एसटीबी द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किए जाने के बाद इस मामले में ईडी की जांच से पता चला कि आरोपियों ने कैश क्रेडिट लिमिट का लाभ उठाकर बैंक ऑफ बड़ौदा से 34.36 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। जांच से पता चला कि शुरुआत में आरोपियों ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से वर्ष 2010 में 7.50 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट का लाभ उठाया। वर्ष 2015 में इस सीमा को धीरे-धीरे बढ़ाकर 42 करोड़ रुपये कर दिया गया। ईडी की जांच से यह भी पता चला कि जिन धनराशियों का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाना था, उन्हें सहयोगी कम्पनियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस स्थानांतरित धनराशि का उपयोग कुर्क की गई संपत्ति के अधिग्रहण और कुर्क की गई संपत्ति के विकास के लिए लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए किया गया। मामले की जांच अभी जारी है।