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मध्यप्रदेश

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भोपाल की तीन सहित मप्र की छह संपत्तियां अदाणी ग्रुप को बेचेगा सहारा!

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निवेशकों का पैसा लौटाने जिन संपत्तियों को बेचने हेतु न्यायालय में दिया आवेदन 

भोपाल। निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सहारा गु्रप देशभर की 88 संपत्तियां बेचना चाहता है। सर्वोच्च न्यायालय में इन संपत्तियों की सूची एवं विवरण प्रस्तुत कर संपत्तियां अदाणी समूह को बेचे जाने की अनुमति मांगी गई है। न्यायालय से अनुमति मिलती है तो भोपाल की तीन संपत्तियों सहित मप्र में स्थित सहारा ग्रुप की कुल 6 संपत्तियां अदाणी ग्रुप द्वारा खरीदी जाएंगी। 

सहारा ग्रुप ने जिन 88 संपत्तियों की सूची सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी है, उनमें भोपाल की ग्राम छान, भोजपुर रोड, तहसील हुजूर, स्थित 27.12 एकड़ में स्थित सहारा स्टेट, एमपी नगर जोन-1, वार्ड क्रमांक 44, भोपाल में 528 वर्गमीटर भूमि पर स्थित सहारा इंडिया कुंज और प्रेस कॉलोनी के पास, वार्ड क्रमांक 62 ग्राम हथाईखेड़ा स्थित 6.74 एकड़ भूमि शामिल है। 

गुना, इंदौर, विदिशा की एक-एक संपत्तियां

सहारा की ओर से न्यायालय में दी गई संपत्तियों की सूची में भोपाल के अलावा गुना जिले के ग्राम बिलोनिया एवं बीला-बावड़ी स्थित 90.79 एकड़ भूमि, इंदौर के ग्राम भिचौली मरदाना स्थित 88.47 एकड़ भूमि एवं विदिशा जिले के ग्राम मिरजापुर स्थित 38.18 एकड़ भूमि शामिल है। भूमि बेचकर पटाएंगे निवेशकों का पैसा 

सहारा ग्रुप की ओर से न्यायालय में संपत्तियों को बेचे जाने की अनुमति इस आश्वासन के साथ मांगी गई है कि देशभर में गु्रप की संपत्तियों को बेचकर जो राशि प्राप्त होगी, उससे ग्रुप द्वारा निवेशकों की देनदारी पटाई जाएगी। 

क्यों लगी संपत्तियों के बिक्री पर रोक 

सहारा समूह द्वारा सेबी के आदेशों की आव्हेलना, निवेशकों के करोड़ों रुपये नहीं लौटाने और निवेशकों के पैसे से खरीदी गई संपत्तियों के गलत उपयोग, अनुबंधों के उल्लंघनों और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के कारण केंद्र सरकार और न्यायालय ने समूह की संपत्तियों के लेन-देन पर रोक लगाई थी, ताकि निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल सके। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अनुमति के बिना वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर बेचकर निवेशकों से पैसा जुटाने जैसे आरोपों के चलते लगे प्रतिबंधों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 में सहारा निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ पैसे लौटाने के आदेश दिए थे।