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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास और कल्याण की किरण

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मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ 

बोले-प्रदेश के विकास-जन कल्याण के लिए एकजुट होकर काम करें शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि 

भोपाल। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनता के कल्याण के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर मिशन मोड में कार्य करना होगा। प्रदेश में हमने जवाबदेह शासन व्यवस्था स्थापित की है। लोक सेवकों का यह दायित्व है कि वे अपनी प्रतिभा, लगन, क्षमता और समर्पण के साथ जनता तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाएं। हम सब देश और समाज के विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही। 

नकारात्मक खबरों का सत्यापन कर तुरंत करें खंडन 

मुख्यमंत्री ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएं। शासन के कार्यों की सकारात्मक छवि सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जाए। जिलों में किसी भी प्रकार की नकारात्मक खबरों का तत्काल सत्यापन कर खंडन किया जाए।  सोशल मीडिया को सरकार के कामों को जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि संवाद लगातार बना रहे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य ‘विकसित मध्यप्रदेशञ्च2047’ है, और इसे फील्ड अफसरों की मेहनत से ही प्राप्त किया जा सकता है।

सिंहस्थ 2028: प्रदेश की पहचान का वैश्विक मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ-2028 केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का बड़ा अवसर है। श्रद्धालुओं को उज्जैन के साथ-साथ प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों की भी यात्रा के लिए प्रेरित किया जाए।मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों में चल रहे राम वन गमन पथ, कृष्ण पाथेय जैसे कामों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। 

‘विकसित मध्यप्रदेशञ्च2047’ डॉक्यूमेंट जल्द होगा लॉन्च

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित ‘विकसित मध्यप्रदेशञ्च2047’ पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इसका दस्तावेज सार्वजनिक किया जाएगा। इसका उद्देश्य समृद्ध, सुखद और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली मध्यप्रदेश का निर्माण है। उन्होंने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं पर केंद्रित है। इसमें ज्ञान आधारित मिशन, नवाचार और आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी प्राथमिकता दी गई है।

संवाद और टीमवर्क से सुलझेंगी समस्याएं

मुख्य सचिव ने कहा कि अच्छे परिणाम तभी आएंगे जब प्रशासनिक अधिकारी एक टीम के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि अब हर महीने दो बार वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होगी, और ओपन हाउस का समय भी बढ़ाया गया है ताकि अधिकारी एक-दूसरे से संवाद कर सकें। जिलों में संवाद और जनसुनवाई की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। किसी समस्या का समाधान नहीं मिल रहा है, तो दूसरे अधिकारी से सुझाव लिए जा सकते हैं।

मैदानी भ्रमण, रात्रि विश्राम भी करें अधिकारी 

श्री जैन ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी महीने में कम से कम दो दिन फील्ड भ्रमण करें और रात्रि विश्राम भी करें। इससे जमीनी हालात की जानकारी मिलेगी और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। कृषि क्लस्टर्स इस प्रकार विकसित किए जाएं, जिससे प्राकृतिक खेती और पशुपालन को बढ़ावा मिले। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और किसानों की आय दोनों में वृद्धि होगी। कॉन्फ्रेंस में पहले दिन मुख्य सचिव अनुराग जैन के अलावा सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, संभागायुक्त, कलेक्टर्स, जिला पंचायतों के सीईओ सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री पुलिस महानिरीक्षक-पुलिस अधीक्षक के कानून व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा कर निर्देश देंगे।