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अहाते बंद होते ही राजधानी के होटल-ढाबे बने मयखाने
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आबकारी विभाग की लगातार कार्रवाई के बाद भी नहीं रुक रहा अवैध मंदिरापान
भोपाल। एक अप्रैल 2023 से सरकार ने राजधानी सहित प्रदेशभर के सभी अहाते बंद कर दिए हैं। कम्पोजिट मदिरा दुकानदार सिर्फ देशी-विदेशी मदिरा बेच सकेंगे, ग्राहकों को अहाता अर्थात पीने का स्थान उपलब्ध नहीं करा सकेंगे। अहातों के बंद होते ही राजधानी के होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और रिजॉट्स की लॉटरी निकल गई है। ग्राहकों को यहां नाश्ता, भोजन के साथ ऑर्डर पर अवैध शराब और उसे पीने के लिए स्थान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। आबकारी विभाग लगातार इस तरह के होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट पर कार्रवाई कर रहा है। लेकिन कार्रवाई के अगले दिन से इनका यह अवैध धंधा फिर से शुरू हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि विगत करीब छह महीने से आबकारी विभाग की टीमें शहर के अंदर और शहर से सटे क्षेत्रों में बने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। टीमें अब तक एक सैकड़ा से अधिक होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट पर कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त कर चुकी है। संस्थान संचालक और वहां बैठकर शराब पीने वालों पर भी आबकारी अधिनियम की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। लेकिन कई प्रकरणों में देखने को मिला है कि जिस संस्थान पर अवैध मदिरापान की कार्रवाई की गई, अगले छापे में फिर से वहां ग्राहक मदिरापान करते मिले। अधिनियम की कमजोर धाराओं और प्रशासन स्तर से सख्त कार्रवाई नहीं होने से अवैध शराब के कारोबारी बार-बार, हर बार इस तरह का अपराध कर रहे हैं।
सील हो चुके हैं 59 रेस्टोरेंट, होटल और क्लब बार
दस्तावेजी कमियों के चलते सहायक आबकारी अधिकारी के प्रतिवेदन पर 5 महीने पहले विगत 3 मई को कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने राजधानी के 59 रेस्टोरेंट, होटल और क्लब बार के लायसेंस निरस्त कर इन्हें सील कर दिया था। इससे बार संचालकों में हडक़ंप मच गया था। हालांकि अगले ही दिन प्रशासन को इन्हें खोलना पड़ा था। बाद में अबाकारी विभाग की ओर से इसका कारण बताया गया कि
वर्ष 2024-25 में संचालित रेस्टोरेंट, बार, होटल, सिविलियन क्लब लाइसेंस को 2025-26 के लिए रिन्यूवल करने के लिए पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज के साथ आवेदन मांगे गए थे। लाइसेंसियों ऑटो जेनरेशन के 30 दिन की समयावधि में बार लायसेंस को ई-आबकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया था। जिन्होंने अपलोड किया, उनके दस्तावेजों की जांच में कमियां मिलीं, उन्हें दूर करने को कहा गया था। इनमें से अधिकांश बार में बिजली सुरक्षा सर्टिफिकेट समेत कई दस्तावेज नहीं मिले थे।
इनके खाद्य लायसेंस तक नहीं हो रहे निरस्त
राजधानी में खाद्य सुरक्षा एवं दुकान संस्थान के लायसेंस लेकर संचालित हो रहे होटल, रेस्टोरेंट ओर कई अवैध ढाबों तक पर अवैध रूप से मदिरापान हो रहा है। आबकारी और पुलिस की कार्रवाई में बार-बार यहां अवैध शराब और मदिरापान होता मिला है। कलेक्टर को नियम विरुद्ध एवं अवैध कारोबार करने वाले इन संस्थानों के संचालन संबंधी लायसेंस निरस्त करने के अधिकार हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने से आरोपी न्यायालय द्वारा अधिरोपित अर्थदण्ड जमा कर फिर से अवैध कारोबार शुरू कर देते हैं।
‘अवैध शराब विक्रय या मदिरापान को लेकर हमारी टीमें लगातार होटल, ढाबों, रेस्टोरेंटों पर कार्रवाई कर रही हैं। हमारे स्तर से इन्हें सील किए जाने जैसा कोई प्रावधान अधिनियम में नहीं है।’
वीरेन्द्र धाकड़, सहायक आबकारी आयुक्त, भोपाल
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