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सीमांकन के बाद पता चलेगा तालाब की कितनी भूमि पर अतिक्रमण

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- बड़े तालाब के सीमांकन के लिए पहुंचे अधिकारी 

भोपाल। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल के बड़ा तालाब के सीमांकन के लिए बुधवार को 15 पटवारियों की टीम के साथ राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार खानूगांव पहुंचे। सीमांकन के बाद ही यह पता चल सकेगा कि तालाब की जद में कितने अतिक्रमण हैं। 

बड़े तालाब के सीमांकन का काम बुधवार की दोपहर में बैरागढ़ क्षेत्र से शुरू किया गया। हालांकि तालाब किनारे कीचड़ होने से सीमांकन में काफी दिक्कत आ रही है। ऐसी स्थिति में कीचड़ सूखने के बाद सीमांकन शुरू करने पर भी निर्णय हो सकता है। झील क्षेत्र में जिला व नगर निगम प्रशासन, टीएडंसीपी, वन विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले भी सीमांकन किया था। 3 दिन में रेतघाट से लेकर खानूगांव तक सीमांकन किया जा चुका है। यहां पर कई जगह अवैध कब्जे हैं। पर्यावरणविद् राशिद नूर की याचिका पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने सीमांकन करने के आदेश दिए थे। एनजीटी ने जल्द ही रिपोर्ट भी मांगी है।

भैंसाखेड़ी तक होगा सीमांकन 

बैरागढ़ तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह के अनुसार खानूगांव में जिस जगह पर सीमांकन खत्म किया गया था, उसी जगह से जिला प्रशासन, नगर निगम, टीएडंसीपी, वन विभाग के अधिकारी और पटवारियों की टीम ने सीमांकन शुरू किया। बैरागढ़ क्षेत्र में भैंसाखेड़ी तक सीमांकन किया जाएगा। प्रशासन ने अभी बैरागढ़ इलाके में ही तालाब का सीमांकन करना शुरू किया है। टीटी नगर, हुजूर, शहर वृत एसडीएम ने सीमांकन कार्य शुरू नहीं कराया है। 

नाप पूरी होने पर हो सकेगी कब्जों की गिनती 

प्रशासन द्वारा बड़ा तालब की सीमाओं की पूरी नाप करने के बाद ही यह तय कर सकेगा कि झील क्षेत्र में मैरिज गार्डन, कारखाने, स्कूल, कॉलेज, फॉर्म हाउस एवं कितने आवासीय निर्माण हैं। भोजवैट लैंड के आदेश पर एक बार फिर से सीमांकन किया जाएगा। इससे पहले भी सर्वे सीमांकन हुए हैं, लेकिन प्रशासन कब्जे नहीं हटा सका। जबकि सूरजनगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी, बीलखेड़ी जैसे क्षेत्रों में कई पक्के निर्माण हैं।