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दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर आयकर का छापा
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शेयर प्राइजिंग में गड़बड़ी की आशंका पर अमृतसर से पहली टीम ने भोपाल में की कार्रवाई
भोपाल। अमृतसर से भोपाल पहुंची आयकर विभाग की टीम ने सोमवार की सुबह दिलीप बिल्डकॉन और उससे जुड़े सहयोगियों के ठिकानों पर छापा मारा। कंपनी के शेयर की कीमतों (शेयर प्राइजिंग) में गड़बड़ी की आशंका के चलते मारे गए छापे में आयकर टीम ने दो ठिकानों से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
आयकर विभाग की दो अलग-अलग टीमें दिलीप बिल्डकॉन (डीबीएस) कंपनी के चेयरमैन दिलीप सूर्यवंशी के अरेरा कॉलोनी स्थित निवास और चूनाभट्टी स्थित कार्यालय पर पहुंची। दोनों ही ठिकानों पर आयकर टीमों ने कंपनी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। जानकारी के अनुसार कंपनी के शेयर प्राइसिंग में गड़बड़ी के चलते आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि कंपनी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की राशि का उपयोग दूसरे कामों में करती है।
स्थानीय पुलिस नहीं एसएएफ का लिया सहयोग
अमृतसर की आयकर टीम ने दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर छापे के दौरान स्थानीय आयकर टीम और पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी। न ही स्थानीय प्रशासन का सहयोग लिया। आयकर टीम ने मप्र की राज्य सशस्त्र बल (एसएएफ) के जवान साथ लेकर यह छापा मारा। पड़ताल के साथ-साथ आयकर टीम ने कंपनी पदाधिकारियों से पूछताछ भी की।
डीबीएस के पास 5 हजार करोड़ के 6 मेट्रो प्रोजक्ट
दिलीप बिल्डकॉन कंपनी के पास मप्र के भोपाल और इंदौर समेत देश के सात बड़े शहरों के छह बड़े प्रोजक्ट हैं। इनमें भोपाल का 247 करोड़, इंदौर का 228 करोड़, केरल का 1500 करोड़, गुरूग्राम का 1503.63 करोड़ (रंजीत बिल्डकॉन के साथ), अहमदाबाद का 523 करोड़ और सूरज मेट्रो का 702 करोड़ का मेट्रो प्रोजक्ट शामिल है। इसके अलावा कंपनी के पास 25 हजार करोड़ का मप्र सोलर एनर्जी प्रोजक्ट भी है। कंपनी देश के डेढ़ दर्जन से अधिक राज्यों में सडक़ निर्माण, रेल परियोजना, मेट्रो परियोजना, औद्योगिक गलियारा निर्माण, सुरंग निर्माण एवं शहरी विकास परियोजनाओं आदि के बड़े ठेके लेती है।
घूसखोरी के बाद सीबीआई ने मारा था छापा
चार साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पदाधिकारी को 20 लाख रुपये की घूस देते हुए सीबीआई की दिल्ली टीम ने कंपनी के कार्यकारी निदेशक को पकड़ा था। इसके बाद सीबीआई ने रात में ही दिलीप बिल्डकॉन के कार्यालय और घर पर छापा मारा था। इस दौरान कंपनी मालिक सहित पार्टनरों से भी पूछताछ हुई थी। साथ ही कंपनी के भोपाल सहित नई दिल्ली, बेंगलुरु, कोच्चि, गुडग़ांव आदि जगह भी छापे मारे थे। कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटेंट एवं कंपनी के मुख्य सीए मयंक का कम्प्यूटर भी जब्त किया था।
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