राजधानी

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हृदयगति रुकने पर पुनर्जीवित करने में सहायक सीपीआर

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सोमवार से शुरू हुआ सीपीआर जागरूकता सप्ताह

भोपाल। 13 से 17 अक्टूबर तक पूरे मध्यप्रदेश में ‘कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन जागरूकता सप्ताह’ का आयोजित किया जा रहा है। अभियान की शुरूआत सोमवार को हुई। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सीपीआर तकनीक के महत्व से अवगत कराना है जिससे वह आकस्मिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में जीवन रक्षक सहायता प्रदान कर सकें। सीपीआर एक ऐसी तकनीक है जो आकस्मिक  हृदयगति रुकने की स्थिति में व्यक्ति को पुनर्जीवित करने में सहायक होती है।

सीपीआर जागरुकता सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियां लोगों को सीपीआर के प्रति जागरूक करेंगी और उन्हें प्रशिक्षित करेंगी ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में तत्परता से प्रतिक्रिया दे सकें। इसी क्रम में 13 अक्टूबर को  विभिन्न संस्थानों में सीपीआर शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। 

सप्ताह के अंतर्गत होंगे यह आयोजन

14 अक्टूबर को सीपीआर तकनीक एवं बाईस्टैंडर्स की भूमिका पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सीपीआर प्रशिक्षण वेबिनार, प्रदर्शन, प्रतियोगिताएं और जन सहभागिता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। 15 अक्टूबर को चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर्स, पैरामेडिकल छात्रों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जाएगा। 16 अक्टूबर को पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, रैली आदि जागरूकता गतिविधियां होंगी। 17 अक्टूबर को रेडक्रॉस सोसायटी एवं स्थानीय संगठनों के सहयोग से सीपीआर प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे। अभियान में सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोगहोगा।