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1000 किलो से ज्यादा नकली मावा खफाने की फिराक में माफिया
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दीपावली पर सौ गुना तक बढ़ जाती है मावा मिठाईयों की मांग
भोपाल। दीपावली के त्यौहार पर राजधानी भोपाल में मावा से बनी मिठाईयों की मांग सौ गुना तक बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में नकली और मिलावटी मावा माफिया शहर की दुकानों के माध्यम से इसे बाजार में खफाता रहा है। पिछले साल खाद्य विभाग की टीमों ने 1200 किलो से अधिक नकली और मिलावटी मावा पकड़ा था। माफिया इस बार फिर से राजधानी में एक हजार किलो से अधिक नकली मावा बेचने की तैयारी में है।
त्यौहारों पर बढ़ जाती है मावा-मिठाईयों की मांग
होली-दिवाली, रक्षाबंधन जैसे त्यौहारों पर राजधानी सहित पूरे मप्र में मावा से बनी मिठाईयों की मांग सौ गुना तक बढ़ जाती है। शहर के दुकानदार बताते हैं कि सामान्य दिनों में जिन दुकानों पर 50-60 ग्राहक मिठाई खरीदने पहुंचते हैं, त्यौहारों पर इनकी संख्या बढक़र 500 से 700 और एक हजार तक हो जाती है।
मावा नहीं मिठाईयों की हो रही जांच
खाद्य नियंत्रक, मप्र के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का अमला राजधानी में सक्रिय हो चुका है। विगत दो दिनों में मिठाई की कई प्रतिष्ठित दुकानों, होटलों से दूध से बनी मिठाईयों के नमूने लिए गए हैं। चलित प्रयोगशाला में माध्यम से इन नमूनों की जांच भी की जा रही है। हालांकि खाद्य विभाग की टीमों ने अभी रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड सहित नकली व मिलावटी मावा-पनीर के संभावित ठिकानों पर पड़ताल शुरू नहीं की है। विगत वर्षों में होली-दिवाली जैसे त्यौहारोंप र विभागीय कार्यवाही में बड़ी मात्रा में मावा पकड़ा जा चुका है।
इस तरह परखें असली-नकली मावा
- मावा को पानी में डालकर फेंटने से दानेदार टुकड़ों में अलग हो जाए तो नकली, चिकनाई के साथ घुल जाए तो असली।
- असली खोया सफेद रंग का और नकली हल्का पीले रंग का होता है।
- मावे में थोड़ी चीनी डालकर गरम करें। अगर ये पानी छोडऩे लगे तो यह नकली खोया है।
- असली मावा मुलायम और नकली दरदरा होता है। मावा अगर सूख है तो इसके नकली होने की संभावना अधिक है।
- असली मावे को खाने पर कच्चे दूध जैसा स्वाद आएगा और नकली में ऐसा स्वाद नहीं आएगा।
- मावा को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें, असली में घी की महक आएगी।
- संदेह होने पर जांच कराएं और खाद्य विभाग में शिकायत करें।
मिठाई की दुकान पर यह भी देखें
जिस दुकान से मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीद रहे हैं, उसके पास भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का पंजीकरण होना अनिवार्य है। जिसे काउंटर पर प्रदर्शित किया जाएगा। रंगीन मिठाईयां खरीदने से बचें। वर्क वाली मिठाई को दबाकर चेक करें। चांदी का वर्क दबाने पर मिठाई में मिलकर खत्म हो जाएगा, जबकि एल्युमिनियम का उंगली में चिपक जाएगा।
‘दीपावली पर मावा सहित अन्य प्रकार की मिठाइयों की मांग बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में नकली अथवा मिलावटी मावा या अन्य खाद्य सामग्री न बेची जा सके। इसके लिए जिलेभर में हर दिन विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।’
पंकज श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
खाद्य सुरक्षा प्रशासन, भोपाल
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