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आंख, त्वचा और हृदय को सुरक्षित रख मनाएं दीपों का त्यौहार

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दीपावली पर एम्स भोपाल ने जारी किए सुरक्षा निर्देश 

भोपाल। दीपावली पर्व पर खतरनाक आतिशबाजी के बीच एम्स भोपाल ने सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। एम्स ने आंखों, त्वचार और हृदय को सुरक्षित रखकर दीपावली पर्व मानने की अपील की है। 

एम्स की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि दीपावली खुशियों, रोशनी और मिलन का पर्व है। परंतु पटाखों, धुएं, शोर एवं भीड़भाड़ के कारण आंखों, त्वचा व हृदय पर असर और जलने के हादसे होने का खतरा भी बढ़ जाता है। एम्स भोपाल नागरिकों से अपील करता है कि वे कुछ सरल सतर्कता अपनाकर इस पर्व को सुरक्षित और सुखद बनाएं। 

नेत्र सुरक्षा को रखें यह सावधानी 

एम्स भोपाल के नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. (डॉ.) भावना शर्मा ने कहा कि नेत्र सुरक्षा के संबंध में यदि कोई धूल, कण या पटाखे का हिस्सा आँख में चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं और आँख को रगड़ें नहीं, रगडऩे से चोट और बढ़ सकती है। यदि आँख में तेज दर्द, धुँधला दिखाई देना या खून आने जैसा कोई लक्षण हो तो आँख को हल्के कपड़े से ढककर तुरन्त नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। पटाखे जलाते समय सुरक्षा चश्मा पहनें और भारी धुएं या भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचें। किसी भी तरह की चोट लगने पर घरेलू नुस्खों का प्रयोग न करें, चोट या जलन होने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।

पटाखों से जलन होने पर सुरक्षा उपाय

एम्स भोपाल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) मनाल मोहम्मद खान ने कहा कि पटाखे केवल खुले स्थान में जलाएं और ज्वलनशील सामग्री, वाहनों अथवा बिजली के तारों से दूर रखें। बच्चों को हमेशा वयस्क की निगरानी में रखें। पटाखों को बंद डिब्बे में सुरक्षित रखें और प्रयोग से पहले निर्देश पढ़ें। जलन या चोट होने पर तुरंत ठंडा पानी डालें और डॉक्टर से सलाह लें। पेस्ट, टूथपेस्ट या घी आदि घरेलू उपचार न करे। कभी भी पटाखे हाथ में न जलाएं, खराब हुए पटाखों को न छूए। अनावश्यक जोखिम न उठाएं। पास में पानी का बाल्टी या आग बुझाने का उपकरण रखें।