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बिहार चुनाव के बाद आएगी मप्र के निगम-मंडलों की पहली सूची

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प्रदेश कार्यकारिणी के बाद टिकी सरकारी नियुक्तियों पर भाजपा कार्यकर्ताओं की निगाहें 

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की कार्यकारिणी घोषित हो जाने के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता निगम-मंडलों में नियुक्तियों की आस लगाए बैठे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सिफारिश लगाने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता अब सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि पार्टी के केन्द्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बिहार चुनाव में व्यस्त होने के चलते निगम-मंडलों की पहली सूची 15 नवम्बर से पहले जारी होने की संभावना नहीं है। 

उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा के लिए पहला मतदान छह नवम्बर को और दूसरा 11 नवम्बर को होना है। 14 नवम्बर को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम आएंगे। इस तरह 20 नवम्बर के बाद निगम-मंडलों की सूची जारी की जा सकती है। 

कार्यकारिणी में नहीं, वे निगम-मंडलों में दिखेंगे दावेदार

पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने की आस थी। चूंकि केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर कार्यकारिणी का स्वरूप बहुत सीमित रखा गया है। इस कारण कुल 25 कार्यकार्ताओं को ही प्रदेश स्तरीय दायित्व मिल सके हैं। हालांकि छूटे हुए प्रमुख दावेदारों को राज्य स्तरीय प्रमुख निगम-मंडलों में स्थान मिलने की संभावना है। 

पहली सूची में सीमित रहेंगी नियुक्तियां 

पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देशन में स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की सहमति से निगम-मंडलों की पहली सूची भी तैयार हो चुकी हैं। इस सूची में प्रदेश स्तरीय निगम-मंडल और विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष जैसी नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी। महाविद्यालयों की जनभागीदारी समितियों, निगमों में वरिष्ठ पार्षदों जैसी स्थानीय स्तर की नियुक्तियां बाद में की जाएंर्गी। 

सक्रिय और सदस्यता बनेगा नियुक्तियों का आधार

निगम-मंडलों में नियुक्ति में संगठन के सामंजस्य से सरकार उन कार्यकर्ताओं को विशेष महत्व देगी तो पार्टी के प्रति समर्पित रहकर सक्रिय हैं और पार्टी के सदस्यता अभियान में भी जो विशेष रूप से सक्रिय रहे। सूत्रों के अनुसार संगठन ने यह सुनिश्चित किया है कि संगठन के साथ-साथ शासकीय नियुक्तियों में भी अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व दोनों का समन्वय बना रहे। संगठन में शामिल नहीं किए गए कई सक्रिय नेताओं का नाम निगम-मंडलों की सूची में नजर आ सकता है। इनमें कई ऐसे वरिष्ठ नेता भी हैं, जो लंबे समय से पार्टी और सरकार के लिए समर्पित रहकर सक्रिय भी हैं। 

निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची नवम्बर के अंत तक अथवा दिसम्बर के पहले सप्ताह तक जारी हो सकती है। भाजपा संगठन अब 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर काम कर रहा है, क्योंकि पार्टी का उद्देश्य अनुभवी नेताओं को उचित स्थान देकर संगठनात्मक मजबूती बढ़ाना है।