Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
राजधानी

Image Alt Text

फिर से खुलेगी चर्चित सरला मिश्रा कांड की फाइल

राजधानी

भोपाल जिला न्यायालय ने जांच को अपूर्ण माना, पुलिस को  दिए पूर्ण विवेचना के निर्देश

भोपाल । 1997 में कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की जलने से हुई संदिग्ध मौत की फाइल 28 साल बाद एक बार फिर से खुलेगी। इस मामले में पुलिस ने इस तर्क के साथ 27 मार्च 2000 को खात्मा रिपोर्ट पेश की थी कि मृतका ने मौत से पहले दिए बयान में किसी को भी घटना का जिम्मेदार नहीं ठहराया था। 

इस मामले की विवेचना में कमियां और कुछ प्रमाणों के साथ मृतका सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने न्यायालय की फिर से जांच के लिए याचिका प्रस्तुत की थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, भोपाल सुश्री पलक राय ने फरियादी की प्रोटेस्ट पिटीशन एवं खात्मा प्रकरण में साक्षियों के कथन के आधार पर की गई विवेचना को अपूर्ण मानते हुए थाना टीटी नगर के थाना प्रभारी को आदेशित किया है कि इस अपराध के संबंध में अग्रिम विवेचना की जाए एवं संपूर्ण विवेचना के बाद संबंधित अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायालय को सूचित करें। 


क्या था सरला मिश्रा कांड 

14 फरवरी 1997 को होशंगाबाद निवासी कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की टीटी नगर थाना क्षेत्र के एक मकान में संदिग्ध परस्थितियों में जली अवस्था में मिली थीं। पहले उन्हें भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 19 फरवरी 1997 को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। सरला की मौत को परिजनों ने हत्या बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। भाजपा ने भी इस मामले में लगातार प्रदर्शन किया था। इसके बाद मप्र के तत्कालीन गृहमंत्री चरणदास महंत ने इस मामले की सीबीआई जांच की घोषणा की थी। लेकिन सीबीआई जांच का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। परिजनों की ओर से इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका को उच्च न्यायालय ने 31 जनवरी 2006 को खारिज कर दिया था। 

सरला के भाई ने जारी रखी लड़ाई 

सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने इस लड़ाई को जारी रखा और 2018 में फिर से याचिका दायर कर पुलिस द्वारा सही से जांच नहीं किए जाने के तथ्य के साथ सीबीआई जांच की मांग की। पिछली सुनवाई में भोपाल पुलिस आयुक्त न्यायालय में पेश हुए थे, उन्होंने बताया था कि इस मामले में खात्मा रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जा चुकी है।