राजनीति

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जहरीली दवा से बीमार बच्चों के इलाज का खर्च नहीं उठा रही सरकार

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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख, लगाया आरोप 

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से बीमार बच्चों के इलाज का खर्च अभी तक सरकार ने नहीं उठाया है। जबकि छिंदवाड़ा जिले में जहरीली कफ सिरप के सेवन से 26 बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बच्चों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने का ऐलान किया था। अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषण पर भी अमल नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र भी लिखा है। 

कमलनाथ ने एक्स पर लिखा कि छिंदवाड़ा में ज़हरीला कफ सीरप पीने से कई कई बच्चों की दुखद मृत्यु और बहुत से बच्चों के अस्वस्थ होने की घटना के बाद राज्य सरकार ने बच्चों के इलाज का पूरा ख़र्च उठाने की घोषणा की थी। लेकिन मुझे समाचार प्राप्त हो रहे हैं कि बीमार बच्चों के इलाज का ख़र्च अब तक राज्य सरकार ने नहीं दिया है। इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को पत्र लिखकर शीघ्र अतिशीघ्र बच्चों के उपचार का समस्त ख़र्च परिजनों को देने का आग्रह किया है।

पीडि़त परिवारों को नहीं दिए 4-4 लाख : बाल्मीक

छिंदवाड़ा जिलेे के परासिया से कांगे्रस के विधायक सोहन लाल बाल्मीक ने कहा कि अधिकारियों ने पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हमने विधानसभा में स्थगन लगाया है। विधायक ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, उसको लेकर मैंने छिंदवाड़ा कलेक्टर को पत्र लिखा है कि बच्चों के इलाज में जो पैसा खर्च हुआ वो कहां से कैसे मिलेगा ये बताया जाए। उसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 4-4 लाख रुपए देने का वादा किया था। अभी  तक किसी को भी पूरा पैसा नहीं मिला। किसी को एक लाख किसी को दो लाख मिले हैं। 

उल्लेखनीय है कि जहरीली कफ सिरप से सबसे ज्यादा बच्चों की मौत परासिया में हुई थीं। बाल्मीक वहां से विधायक हैं। बच्चों की मौत को लेकर उन्होंने पहला पत्र 20 सितंबर को छिंदवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह केा लिखा था।