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राजधानी

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परिवहन विभाग में लम्बे समय से अटकी विभागीय परीक्षा

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उप परिवहन निरीक्षक के लिए विभागीय पदोन्नति के 20 पद रिक्त

भोपाल। मध्यप्रदेश परिवहन विभाग में लम्बे समय से विभागीय परीक्षा नहीं हो सकी है। हालांकि परिवहन उप निरीक्षक बनने की चाहत में विभाग में सेवारत कई लिपिक वर्गीय कर्मचारी इस परीक्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि मप्र परिवहन विभाग में परिवहन निरीक्षक के कुल 70 स्थायी पद हैं, जो सभी उप निरीक्षक से निरीक्षक पद पर पदोन्नति के माध्यम से ही भरे जाते हैं। वर्तमान में लिपिक वर्गीय और पदोन्नति वाले मिलाकर कुल करीब 20 निरीक्षक ही विभाग के पास हैं। इसी प्रकार विभाग में उप परिवहन निरीक्षक के कुल 102 पद हैं। इनमें 65 प्रतिशत अर्थात कुल 67 सीधी भर्ती के, 20 प्रतिशत गैर तकनीकी के पदोन्नति के माध्यम से स्वीकृत कुल 15 पद और लिपिक वर्ग से सीमित प्रतियोगिता परीक्षा द्वारा चयन के माध्यम से भरे जाने योग्य कुल 20 पद हैं। इनमें 10 अनारक्षित, 4 अनुसूचित जाति और 3 अनुसूचित जाति और 3 अन्य पिछड़ा वर्ग शामिल हैं। विभाग में सीधी भर्ती वाले 34 उप निरीक्षक पहले से पदस्थ है, जबकि हाल में 29 उप निरीक्षकों का चयन मप्र लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ है। गैर तकनीकी पदोन्नति एवं लिपिक वर्गीय विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाने वाले सभी 35 पद लम्बे समय से रिक्त पड़े हैं। 

34 टीएसआई को मैदानी पदस्थापना का इंतजार 

मप्र लोकसेवा आयोग के माध्यम से पिछले साल चयनित 29 परिवहन उप निरीक्षकों (टीएसआई) में से 24  की नियुक्ति अधर में है। कम्प्यूटर डिप्लोमा नहीं होने से 24 टीएसआई की विभाग में पदस्थापना अटक गई है। ऐसा एमपीपीएससी की गलती के कारण हुआ। विभागीय वांछित योग्यता के बावजूद एमपीपीएससी द्वारा टीएसआई चयन परीक्षा हेतु जारी विज्ञप्ति में कम्प्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता का उल्लेख नहीं किया था। ऐसी स्थिति में 29 में से 24 टीएसआई ऐसे चयनित हुए, जिनके पास कम्प्यूटर डिप्लोमा नहीं है। अब परिवहन विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर इन सभी को कम्प्यूटर डिप्लोमा करने हेतु तीन वर्ष का समय दिए जाने एवं विभाग में पदस्थापना की अनुमति मांगी है। शासन से अनुमति और कम्प्यूटर डिप्लोमा के बाद इनका प्रशिक्षण पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र सागर अथवा भोपाल में होगा। इसके बाद ही इन्हें मैदानी पदस्थापना मिल सकेगी।  

सहायक उप निरीक्षक के सभी 34 पद खाली   

मप्र परिवहन विभाग में सहायक उप निरीक्षक (एटीएसआई)के कुल 34 स्वीकृत स्थायी पद हैं। यह शत-प्रतिशत पद प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते हैं। आरक्षक और प्रधान आरक्षक भी पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। जबकि वर्तमान में सहायक उप निरीक्षक के सभी 34 पद रिक्त हैं। 

70 स्वीकृत पदों में से एक तिहाई ही आरटीआई 

मप्र परिवहन विभाग में परिवहन निरीक्षक के कुल 70 पद स्वीकृत हैं।  वर्तमान में सीधी भर्ती, लिपिक वर्गीय और पदोन्नति मिलाकर कुल करीब 20 आरटीआई ही विभाग के पास हैं। परिवहन निरीक्षक स्वयं सहायक परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) जैसे पद पर पदोन्नति नहीं चाहते हैं। इसलिए हर स्तर पर पदोन्नति रुकवाने के लिए प्रयास करते रहे हैं।