राजधानी

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जिला चिकित्सालय में पहली बार फाइब्रो स्कैन मशीन से हुई लीवर जांच

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भोपाल। भोपाल के जयप्रकाश जिला चिकित्सालय में पहली बार में फाइब्रो स्कैन मशीन से फैटी लीवर बीमारी की जांच की गई। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा इन लोगों का चिह्नांकन स्वस्थ यकृत लीवर मिशन के तहत किया गया था। 

जांच में 200 लोगों का परीक्षण फाइब्रो स्कैन मशीन से किया गया। परीक्षण में 147 में फैटी लीवर पाया गया है। इनमें से 28 में लीवर फाइब्रोसिस भी पाया गया। उपचार के साथ साथ इन लोगों को लीवर को स्वस्थ रखने के लिए घर में उपलब्ध पौष्टिक आहार के सेवन, शराब एवं धूम्रपान से दूर रहने की सलाह दी गई है। मरीजों का नियमित फॉलोअप किया जाएगा।

फाइब्रो स्कैन मशीन में ट्रांजिएट लीवर इलेस्टोग्राफी तकनीक से जांच की जाती है। ये एक नॉन इनवेसिव जांच तकनीक है, जिससे फैटी लीवर, लीवर फाइब्रोसिस की स्थितियों का आंकलन किया जाता है। जो कि स्कोर के तौर पर प्रदर्शित होता है। 

पांच महीने पहले शुरू हुआ स्वस्थ यकृत मिशन

लीवर संबंधी बीमारियों की जागरुकता, प्रारंभिक पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए इसी वर्ष जून माह से भोपाल सहित प्रदेश में स्वस्थ यकृत मिशन शुरू किया गया था। जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की सामुदायिक स्क्रीनिंग की गई थी। जिसमें बी एम आई 23 से अधिक होने , महिलाओं में कमर का माप  80 सेमी और पुरुषों में 90 सेमी से अधिक होने, मधुमेह का इतिहास होने के आधार पर संदिग्ध एनएएफएलडीमामलों के लिए जांच की स्क्रीनिंग की गई थी।