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मेट्रो की सुरक्षा के ट्रेक पर आयुक्त

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भोपाल मेट्रो संचालन से पूर्व सीएमआरएस टीम का अंतिम निरीक्षण, अब ओके रिपोर्ट का इंतजार 

भोपाल। लम्बे समय से प्रतीक्षारत भोपाल मेट्रो के लिए बनाए गए स्टेशनों और ट्रेक का शुक्रवार को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त नीलाभ्र सेनगुप्ता ने शुक्रवार को टीम सहित अंतिम निरीक्षण किया। टीम ने जहां मेट्रो में सफर कर उसकी गतिसीमा को परखा वहीं ट्रेक पर उतरकर वहां भी कमियों को खोजने का प्रयास किया। निरीक्षण के बाद अगर ओके रिपोर्ट मिलती है तो नवम्बर के अंत तक भोपालवासी मेट्रो में सफर कर सकेंगे। 

आयुक्त मेट्रो रेल सुरक्षा अपनी टीम के साथ बुधवार की शाम भोपाल पहुंचे थे। गुरूवार को उन्होंने सुभाष नगर स्थित डिपो सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया था। उन्होंने मेट्रो डिपो प्रत्येक संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। वहीं शुक्रवार को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त अपनी टीम सहित मेट्रो ट्रेक और मेट्रो स्टेशनों को देखने निकले।  निरीक्षण सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक तक चला। 

मेट्रो में सवार हो परखा ब्रेकिंग सिस्टम 

मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त श्री गुप्ता ने शुक्रवार को टीम के साथ मेट्रो में सवार होकर सफर भी किया। उन्होंने मेट्रो संचालन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी व्यवस्था और संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान टीम ने 

सुभाषनगर, केंद्रीय विद्यालय, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति और डीआरएम तिराहा स्टेशनों के बीच चलती मेट्रो में इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की। 

गुरूवार को की सुरक्षा मानकों की जांच 

गुरुवार को डिपो निरीक्षण के अलावा सीएमआरएस ने एम्स स्टेशन तक ट्रैक, सिंगलिंग और सुरक्षा पैमानों पर जांच की थी। इसके अलावा आरकेएमपी स्टेशन पर ट्रेक के ऊपर पानी गिराकर ट्रैक के लेवल को भी चेक किया, ताकि ढाल और जल निकासी की स्थिति का आंकलन किया जा सके। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट भी देखी थी।

कमियों के सुधार के बाद ही चल सकेगी मेट्रो

टीम ने सुभाष नगर से एम्स स्टेशन तक का ट्रैक, सिंगलिंग, ब्रेक सिस्टम, स्टेशन सुरक्षा, आपात निकासी सहित अन्य  सुरक्षा मानकों की जांच की। टीम ने आरकेएमपी स्टेशन पर पानी गिराकर ट्रैक लेवल की भी जांच की गई, ताकि ढाल और जल निकासी की स्थिति का आंकलन किया जा सके। 

सीएमआरएस टीम को निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी नजर आती है तो उसके सुधारे जाने के बाद ही मेट्रो संचालन की अनुमति मिलेगी। हालांकि इस बार टीम से ओके रिपोर्ट मिलने की संभावना है।