मध्यप्रदेश

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डिजिटलीकरण में सुधार नहीं तो कलेक्टरों पर होगी कार्रवाई

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इंदौर, भोपाल, ग्वालियर में एसआईआर धीमा, जिलाधीशों को  लगी आयोग की फटकार 

भोपाल। मप्र के तीनों बड़े महानगरों भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित अन्य कुछ जिलों में जहां निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर की धीमी गति वाले सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अगली बैठक तक गणना पत्रकों के डिजीटलीकरण में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

निर्वाचन आयोग की डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अगर अगली बैठक के पहले एसआईआई डिजिटाइजेशन में सुधार नहीं हुआ तो कलेक्टरों समेत उनके अधीनस्थ अमले पर कार्रवाई होना तय है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर भी इस काम में तेजी लाने के लिए कहा है। 

छोटे जिलों की स्थिति सुधरी

बैठक में जानकारी आई कि शहडोल, उमरिया, अनूपपुर जैसे कुछ छोटे जिलों की स्थिति में सुधार आया है। आयोग की पिछली बैठक में इन जिलों के कलेक्टरों को एसआईआर में लापरवाही के लिए फटकार लगी थी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कुछ अन्य बड़े शहरों में डिजीटलीकरण की गति 10 प्रतिशत से भी कम है। इस इस कारण आयोग की डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने इन कलेक्टरों को फटकार लगाई। 

बैरसिया में 28.86, हुजूर में 4.38 प्रतिशत काम  

भोपाल जिले में गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में सबसे अच्छा काम  बैरसिया विधानसभा में हुआ है। यहां 28.86 प्रतिशत पत्रकों को ऑनलाइन किया गया है। जबकि भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 5.07, नरेला में 5.58 और भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 5.58 प्रतिशत डिजीटलीकरण हुआ है। इसी प्रकार भोपाल मध्य में 4.38 प्रतिशत,  गोविन्दपुरा में 5.69 और, हुजूर विधानसभा में 10.80 प्रतिशत गणना पत्रक ऑलनाइन अपलोड हुए हैं। भोपाल जिले का औसत डिजिटाइजेशन प्रतिशत 8.77 है।