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सौरभ शर्मा की तरह इन पर कार्रवाई कब?
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2019 से अब तक की शिकायतें फाइलों में दबी पड़ी
लोकायुक्त की कार्यशैली पर सवाल इसलिए भी क्योंकि वर्षों से सिर्फ जांच तक सीमित कई शिकायतें
भोपाल । परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के पास करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति की शिकायत होने पर एफआईआर दर्ज किए बिना ही लोकायुक्त पुलिस ने भोपाल स्थित दो ठिकानों पर छापा मार दिया था। परिवहन विभाग के ही दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति, रिश्वत की मांग, पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने, गबन, फर्जी बिल और फर्जी नियुक्ति जैसी कई शिकायतें लंबित हैं। इन शिकायतों में आरोपी तत्कालीन परिवहन आयुक्त से लेकर परिवहन निरीक्षक, बाबू सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल हैं। 2019 से अब तक की शिकायतें फाइलों में दबी पड़ी हैं। लोकायुक्त टीम के पास इन्हें खोलकर जांच पूरी करने का समय नहीं है। ऐसे में उठ रहा है कि पूर्व परिवहन आरक्षक की तरह इन अधिकारियों और कर्मचारियों की शिकायत पर कार्यवाही आगे क्यों नहीं बढ़ पा रही है।
लोकायुक्त में परिवहन विभाग से संबंधित 15 शिकायतें ऐसी हैं, जिनमें अभी सिर्फ जांच पंजीबद्ध हुई है। इनमें 5 शिकायतें ऐसी हैं, जिनमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की शिकायत की गई है। एक शिकायत में गाडिय़ों को छोडऩे के बदले में रिश्वत मांगे जाने, एक आरक्षक की फर्जी जाति प्रमाण-पत्र से नियुक्ति, सचिव व क्लर्क की पद का दुरुपयोग कर गलत तरीके से परमिट जारी किए जोन की जांच को लेकर की गई है। इसी प्रकार भोपाल के तत्कालीन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजय तिवारी एवं अधिकारी निधि सिंह पर आरोप है कि इन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग व परिवहन विभाग से संबंधित जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन मिशन मामले में पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। देवा के तत्कालीन आरटीओ वीरेन्द्र यादव पर पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किए जाने एवं पूर्व परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता, (आईपीएस) पर आरोप है कि इन्हांने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार, जालसाजी तथा शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई है। ग्वालिर के पूर्व आरटीओ एसपीएस चौहान ओर लिपिक अजय भारद्वाज पर बस मालिक अनूप शिवहरे से मिलकर परमिट देने एवं एक करोड़ रुपये का मोटरयान कर चोरी करने का आरोप है। मप्र सडक़ परिवहन निगम के संभागीय प्रभारी राजेश मीणा पर लाखों रुपये के गसन का आरोप है। इसी प्रकार इंदौर की तत्कालीन आरटीओ अर्चना मिश्रा, लिकिप तेजकरण अहिरवार एवं हीरो मोटोकर्प के पदाधिकारियों सुनील शाह, निरंजन गुप्ता, विकाश शर्मा एवं अन्य पर आरोप है कि एक फर्जी विक्रय बिल के संबंध में जांच नहीं की गई है। इसी प्रकार पूर्व परिवहन आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों पर आरोप है कि उज्जैन सहित अन्य आरटीओ कार्यालयों में दलालों के माध्यम से भ्रष्टाचार कराया और शिकायत करने पर भी कार्यवाही नहीं की।
4 प्रकरण पंजीबद्ध एवं विवेचनाधीन
- आरोपी-अरुण कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जबलपुर, निवासी-इंदौर
- आरोपी-जितेन्द्र सिंह बघेल, सहायक वर्ग-2 एवं सुखेन्द्र तिवारी और राजेन्द्र सिंह (दोनेां प्रायवेट व्यक्ति), क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, कटनी
- सुनील गौड़, प्रधान आरक्षक, परिवहन विभाग, चांदपुर बैरियर, जिला अलीराजपुर, निवासी इंदौर एवं अन्य
- सौरभ शर्मा, सेवानिवृत्त आरक्षक, मप्र परिवहन विभाग भोपाल, श्रीमती दिव्या तिवारी पत्नी सौरभ शर्मा, निवासी-ई-7/78 अरेरा कॉलोनी, भोपाल, शरद जायसवाल पिता कैलाश प्रसाद जायसवाल, निवासी-ई-8/99 शिवकुंज, 12 नं. बस स्टॉप के पास, भोपाल और चेतन सिंह गौड़, पिता प्रताप सिंह गौड़, निवासी-ई-7/657, अरेरा कॉलोनी, भोपाल।
इन 15 प्रकरणों में सिर्फ जांच पंजीबद्ध
शिकायत दिनांक आरोपी पद/स्थान आरोप
01 अक्टूबर 2019 केपी अग्निहोत्री निरीक्षक आय से अधिक संपत्ति
10 जनवरी 2020 दशरथ पटेल, रमेश खरे, अन्य आय से अधिक संपत्ति
22 दिसम्बर 2020 दशरथ पटेल निरीक्षक आय से अधिक संपत्ति
18 नवम्बर 2021 जगदीश मीना, निरीक्षक आय से अधिक संपत्ति।
04 मई 2022 आरटीओ एवं कर्मचारी अनूपपुर गाडिय़ों को छोडऩे के लिए रिश्वत
02 अगस्त 2023 सुनील गौड़ आरक्षक फर्जी जाति प्रमाण से नियुक्ति
16 फरवरी 2024 सत्यप्रकाश शर्मा, लिपिक आय से अधिक संपत्ति
19 अप्रैल 2024 सचिव एवं क्लर्क ग्वालियर पद का दुरुपयोग, गलत परमिट जारी
13 जून 2024 निधि सिंह, संजय तिवारी,अन्य आरटीओ एवं अन्य पद के दुरुपयोग से शासन को आर्थिक क्षति
24 जुलाई 2024 वीरेन्द्र सिंह यादव आरटीओ/देवास पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार
25 मार्च 2024 डीपी गुप्ता तत्का. परि. आयुक्त भ्रष्टाचार, जालसाजी , आर्थिक क्षति
2 फरवरी 2024 एसपीएस चौहान, अजय भारद्वाज आरटीओ एवं बाबू गलत परमिट से मोटरयान कर चोरी
4 दिसम्बर 2024 राजेश मीणा प्रभारी संभागीय कार्यालय लाखों रुपये का गबन
2 जनवरी 2025 अर्चना मिश्रा, तेजकरण एवं अन्य आरटीओ, लिपिक फर्जी विक्रय बिल की जांच नहीं करना
15 जनवरी 2005 परिवहन आयुक्त, अन्य अधिकारी उज्जैन एवं अन्य शहर दलालों के सहयोग से भ्रष्टाचार
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