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मध्यप्रदेश
मप्र विधानसभा का 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार से
मध्यप्रदेश
- सरकार करीब 10 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट भी करेगी पेश
- विधायकों ने लगाए 194 ध्यानाकर्षण, पूछे 1497 प्रश्न
भोपाल। मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का सप्तम (शीतकालीन) सत्र सोमवार, 1 दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है। इस पांच दिवसीय सत्र में कुल 4 बैठकें होंगी। 3 दिसम्बर को भोपाल गैस त्रासदी दिवस की बरसी पर स्थानीय अवकाश रहेगा। सत्र के दौरान सरकार करीब 10 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी। विधायकों ने कुल 194 ध्यानाकर्षण सूचनाएं सचिवालय भेजी हैं, जबकि तारांकित और अतारांकित कुल 1497 भी सरकार से पूछे हैं।
शीतकालीन सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली है। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को विधानसभा परिसर में नारेबाजी करने और धरना देना प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन इस बार विधायकों के लिए जारी की गई गाइडलाइन में यह प्रतिबंध वापस ले लिया गया है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विपक्ष आज बनाएगा रणनीति
कांग्रेस विधायक दल की बैठक रविवार, 30 नवम्बर को शाम 7.30 बजे से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बी-12 (ए) 74 बंगला, भोपाल स्थित बंगले पर होगी। इससे पहले यह बैठक राजधानी के एक होटल में होनी थी। इस विधायक दल की बैठक में विपक्ष के विधायक आगामी सत्र में अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएंगे।
विपक्ष ने की सत्र अवधि बढ़ाने की मांग
मप्र विधानसभा के पांच दिवसीय एवं कुल 4 बैठकों वाले शीतकालीन सत्र को छोटा बताते हुए कांग्रेस विधायकों की ओर से इसकी अवधि बढ़ाए जाने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र की समय अवधि मात्र 4 दिन रखी गई है। इतनी कम समय अवधि का सत्र प्रदेश की जनता के मुद्दों के लिए पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस विधायक दल निरंतर सत्र की समय अवधि बढ़ाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज पहले भी उठाई है, सवाल पहले भी पूछे हैं और आगे भी सडक़ से सदन तक सवाल उठाते रहेंगे। जनहित के मुद्दे न कल रुके थे, न आज रुकेंगे। वहीं कांग्रेस के दो अन्य विधायकों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष से सत्र अवधि बढ़ाने की अपील की है।
विपक्ष के मुद्दे किसान, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था
सत्र की छोटी अवधि के बावजूद विपक्ष अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। राजधानी सहित प्रदेशभर में अपराधों के बढ़ते ग्राफ, भ्रष्टाचार, महिला अपराध सहित कानून व्यवस्था, किसानों के लिए भावांतर, बेरोजगारी जैसे अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में रणनीति बनाएगा।
आईएएस संतोष वर्मा पर कार्रवाई की मांग
ब्राह्मण बेटियों को लेकर प्रमोटी आईएएस संतोष वर्मा द्वारा दिए गए विवादित बयान का मुद्दा विधानसभा में भी उठेगा। सत्तापक्ष और विपक्ष के कई विधायक इस मुद्दे पर एकजुट हैं और सदन में संयुक्त रूप से वर्मा पर कार्रवाई की मांग करेंगे। दोनों ही पक्षों के विधायकों का प्रयास होगा कि वर्मा अपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने एवं उनका आईएएस संवर्ग समाप्त किए जाने संबंधी प्रस्ताव केन्द्र (संघ लोक सेवा आयोग) को भेजे जाने संबंधी कार्रवाई के निर्देश आसंदी से जारी हों।
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