राजनीति

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भाजपा कार्यालय में मंत्रियों ने सुनी कार्यकर्ताओं की समस्याएं

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भोपाल। प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक दिसम्बर से शुरू हुई नई व्यवस्था के अंतर्गत मंगलवार को दूसरे दिन भी मप्र सरकार के दो मंत्रियों ने पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उन्हें उचित समाधान का आश्वासन भी दिया। मंगलवार को पार्टी कार्यालय में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और राजयमंत्री दिलीप अहिरवार ने पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। 

कार्यकर्ताओं से संवाद के बाद मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि  कार्यकर्ताओं का दायित्व समय-समय पर बदलते रहते हैं। कभी संगठन में, कभी सरकार में और कभी जनप्रतिनिधि के रूप में। मूल पहचान और मूल कार्य भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता होने का है। उन्होंने कहा कि मंत्री होने के नाते हमारा दायित्व है कि पार्टी कार्यालय आने वाले कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाए और उनकी जनसमस्याओं पर चर्चा की जाए। कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की जनसमस्याओं को आसानी से निपटाया जा सके। इसी सोच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खण्डेलवाल ने मंत्रियों को पार्टी कार्यालय में समय देने का निर्णय लिया है।

जनसमस्याओं के लिए परेशान नहीं होंगे कार्यकर्ता 

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और उनके जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। कई बार क्षेत्र की जनसमस्या के लिए कार्यकर्ताओं को परेशान होना पड़ता है। यह व्यवस्था उनके कामों को शीघ्रता से निपटाने में सहायक होगी। कार्यकर्ता जब अपनी बात सही मंच तक पहुँचाता है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है। यह संवाद व्यवस्था संगठन को और मजबूत बनाने के साथ कार्यकर्ता को यह अनुभव कराती है कि उसकी बात सही मंच पर पहुंच गई है।

गैस त्रासदी की बरसी पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष,विधायक हेमंत खण्डेलवाल और प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा ने भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर दुर्घटना में हताहत हुए लोगों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभावित परिवारों के सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। श्री खण्डेलवाल ने 41 वर्ष पूर्व हुई गैस त्रासदी में काल कवलित हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं एवं दिवंगतों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस भीषण त्रासदी में हजारों निर्दोष लोग असमय काल के गाल में समा गए थे। इस त्रासदी की पीड़ादायक स्मृतियां हमारे अंतर्मन को झकझोरने वाली हैं।