Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
राजधानी

Image Alt Text

अनुपूरक बजट पर शाम 7.30 बजे तक चली चर्चा, आज भी होगी, सत्तापक्ष ने कहा जनकल्याणकारी बजट, विपक्ष बोला जनविरोधी

राजधानी

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किए गए 13476.94 करोड़ से अधिक राशि की अनुपूरक बजट मांगों पर गुरूवार को सदन में चर्चा हुई। अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर बयानबाजी हुई। विपक्ष ने इसे जनविरोधी जबकि सत्तापक्ष ने अनुपूरक बजट को कल्याणकारी बताया। 

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री (वित्त विभाग) जगदीश देवड़ा की अनुपस्थिति में पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ओमप्रकाश सखलेचा ने सरकार की ओर से पक्ष रखा, तो कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सदन में कर्ज, लाडली बहना योजना, विधायक निधि और विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े किए। इस पर पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस हुई। 

सखलेचा ने कहा कि हमने लाडली बहना, किसान, आवास और सिंचाई पर फोकस किया है। नर्मदा का पानी 1978 में बंटा, 2006 तक किसी ने चिंता नहीं की। 2007 के बाद हमने काम किया, आज खेतों में उसका असर दिख रहा है। मैंने वो दिन देखे हैं जब गांवों में बिजली-सडक़ नहीं थी, अब तस्वीर बदल गई हैं. इस साल को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। 227 करोड़ से ज्यादा का बजट रोजगार के लिए रखा गया है। भावांतर के लिए 500 करोड़ का प्रावधान है। भू-अभिलेख के डिजिटलीकरण के लिए बड़ा बजट है। 

वोट खरीदने का नया फॉर्मूला लाडली बहना 

बदनावर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सखलेचा पर पलटवार करते हुए कहा कि साढ़े चार लाख करोड़ का कर्ज हो गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा हाथ की कठपुतली हैं, पैसा उनसे ले लिया जाता है, गाली बाहर वो खाते हैं। कर्ज का 60 प्रतिशत ब्याज में जा रहा है। योजनाओं के लिए पैसा नहीं है। मुफ्त की योजनाओं का विरोध नहीं, लेकिन यह आपकी बीमारी पूरे देश में फैल गई। लाडली बहना वोट खरीदने का नया फॉर्मूला है। नकद योजनाएं रिश्वत हैं। घोटाले पर घोटाले सामने आ रहे हैं। सरकार कहती है आंख बंद करके सडक़ पर गाड़ी चला लो, सडक़ों की हालत नहीं पता। जनता और विपक्ष को निपटाना चाहते है। पक्ष और विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी बजट मांंगों पर अपनी बात रखी।