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विपक्ष बोला कर्ज उन्मुखी सरकार, मंत्री बोले कर्ज नहीं यह निवेश
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अनुपूरक बजट मांगों पर सदन में दो दिन चली चर्चा
भोपाल। मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाए गए 13476.94 करोड़ से अधिक के अनुपूरक बजट की मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने ऋण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सरकार को कर्ज उन्मुखी होने का आरोप लगाया। वहीं सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने कहा कि यह कर्ज नहीं सरकार द्वारा भविष्य के लिए किया जा रहा निवेश है।
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, यह विकास उन्मुखी नहीं बल्कि कर्ज उन्मुखी बजट है। जेट विमान के लिए 5 करोड़, मुख्यमंत्री निवास के लिए 10 करोड़ रुपए रखे जा रहे हैं। किसान और आम आदमी के लिए बजट में अनदेखी की जा रही है। कांग्रेस ने जो भी मुद्दे उठाए वह चीन को लेकर नहीं उठाया बल्कि प्रदेश के लोगों को लेकर उठाया। कांग्रेस कोई मुद्दा उठाती है तो कहा जाता है कि नाटक है। छतरपुर में नया तहसीलदार महिला किसान को थप्पड़ मारा, टीकमगढ़ में एक युवक 3 घंटे तक लाइन से चिपका रहा और जब कलेक्टर पहुंचे तो उसे नीचे उतारा गया।
मप्र में करोड़ों के घोटाले, केंद्र ने पैसे देने से मना किया
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा, प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर 192 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए और नौकरियां कितनी लग गईं, सबके सामने है। सिंघार ने हेलिकॉप्टर और विमान किराए पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए, लेकिन आम आदमी की चिंता नहीं है। जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ के घोटाले हुए और अब तो केंद्र सरकार ने भी पैसा देने से मना कर दिया है। शिक्षकों को मजाक बना दिया गया है। कभी बीएलओ बना दिया जाता है, तो कभी कुत्तों की सुरक्षा के लिए लगा दिया जाता है।
सरकार को 4 प्रतिशत पर ऋण क्यों नहीं
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, जनवरी से लेकर नवंबर तक सरकार ने 74 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। वित्त मंत्री की आर्थिक नीतियां गलत हैं। वित्त मंत्री ने पूरे प्रदेश की साख गिरवी रख दी है। सरकार 2011-12 के कर्ज की भरपाई अब कर रही है तो यह कैसा वित्तीय प्रबंधन है। सरकार जो कर्ज ले रही है वह 8 प्रतिशत पर है, आखिर क्यों 4 प्रतिशत पर लोन नहीं मिल पा रहा। यह सरकार की साख डूबना ही तो है।
विधायक निधि 5 करोड़ करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधायक निधि 5 करोड़ रुपए होना चाहिए। नहीं तो मुख्य बजट में इसे लाया जाना चाहिए। सरकार को विकास के काम में भेदभाव से दूर रहना चाहिए। कांग्रेस और भाजपा के हिसाब से विकास कार्य नहीं कराए जाने चाहिए। विधायक निधि 5 करोड़ होने पर विकास कार्य करा पाएंगे
उपमुख्यमंत्री बोले, यह कर्ज नहीं निवेश है
विपक्ष द्वारा कर्ज को मुद्दा बनाकर लगाए जा रहे आरोपों पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि यह कर्ज नहीं निवेश है। नियम और प्रक्रिया में समय सीमा में कर्ज ले रहे हैं। ब्याज समय पर दे रहे हैं और विकास के काम इससे कर रहे हैं। सरकार की जो भी योजनाएं हैं, वह किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं है बल्कि सबके लिए हैं।
सागर में रुकेगी सुपरफास्ट ट्रेनें
शासकीय संकल्प के अंतर्गत इंजीनियर प्रदीप लारिया ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि सागर जिले के नरयावली और जरूआखेड़ा स्टेशन पर राज्य रानी सुपरफास्ट ट्रेन का स्टॉपेज किया जाए। सदन में इसे मंजूरी दे दी गई है और केंद्र सरकार को भेजने का फैसला किया गया।
जबलपुर-मंडला के बीच चलेगी नई ट्रेन
विधायक नारायण सिंह पट्टा ने केंद्र शासन से आग्रह किया है कि मंडला रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना दुर्गावती स्टेशन मंडला किया जाए। साथ ही जबलपुर भोपाल ओवरनाइट एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन की ओर जाने वाली गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस को मंडला स्टेशन तक चलाया जाए। इस पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने संशोधन के बाद जबलपुर से मंडला को जोडक़र नई ट्रेन चलाने की बात कही गई।
देवपुरी नहीं होगा सागर के देवरी का नाम
विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने सागर जिले के देवरी का नाम बदलकर देवपुरी करने का प्रस्ताव रखा। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इससे सहमति जताते हुए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही और कहा कि भारत सरकार से अनुमति नहीं दी है इसलिए इसे अग्राह्य किया जाए। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि राजस्व विभाग ने प्रस्ताव भेजा था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली, इसलिए इसे वापस लेना चाहिए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष की सहमत से विधायक पटेरिया ने संकल्प वापस ले लिया।
विधानसभा में उठा आरजीपीवी में भ्रष्टाचार का मुद्दा
भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुई गड़बड़ी का मामला भोपाल दक्षिण पश्चिम से विधायक भगवानदास सबनानी ने उठाया। उन्होंने कहा कि आरजीपीवी में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराई जानी चाहिए। जरूरत पड़े तो धारा 54 का इस्तेमाल करते हुए विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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