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समय से पहले किया नक्सल का सफाया, नदी जोड़ो अभियान के लिए आदर्श बना मध्यप्रदेश : डॉ. मोहन यादव
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मोहन सरकार के दो साल पूरे, मुख्यमंत्री बोले उपलब्धियों के बीच 3 साल के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही सरकार
भोपाल। 13 दिसम्बर, शनिवार को मप्र की डॉ. मोहन यादव की सरकार को दो साल पूरे हो रहे हैं। इन दो सालों में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को साझा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकारवार्ता आयोजित की। पत्रकारवार्ता में दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ला,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक हेमंत खंडेलवाल, एसीएस नीरज मंडलोई, जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना और भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा के साथ-साथ तीन साल के भावी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों की शुरूआत नक्सल के सफाए से की। उन्होंने कहा कि 35-36 साल पुरानी ऐसी समस्या जिसने 1995 में मप्र की धरती पर सबसे बड़ा नरसंहार कर 17 पुलिसकर्मियों की जान ली। राज्य सरकार के मंत्री को थाने के पस ले जाकर हत्या की गई। केन्द्र व राज्यों में एक ही दल की सरकार होते हुए भी इसके सफाए की कोई योजना तक नहीं बनी। जबकि नक्सली समानांतर थाने, कोर्ट और सत्ता चलाते रहे। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के देशभर से सफाए का लक्ष्य तय किया, तब सभी को लगा कि यह संभव होगा भी या नहीं। लेकिन मप्र के कुछ अच्छे बहादुर अधिकारियों ने स्वयं मांग कर नक्सल क्षेत्रों में पदस्थापना ली। मप्र में 42 दिन में 42 सरेंडर हुए और 10 दुर्दांत नक्सलियों का एन्काउंटर हुआ। समय-सीमा से पहले मंडला, बालाघाट, डिण्डौरी लाल आतंक से मुक्त हो गए। हालांकि कई बहादुर जवानों और स्थानीय नागरिकों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी। अब सरकार की प्राथमिकता है कि अपना तंत्र मजबूत करेंगे, जिससे नक्सल रूपी सांप अपना फन फिर से नहीं फैला सके।
नदी जोड़ो: पीकेसी नए युग का सूत्रपात
मुख्यमंत्री ने मप्र से शुरू हुए नदी जोड़ो अभियान को लेकर कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। परस्पर सौहार्द के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी का पानी पहुंचने से बड़ी राहत मिलेगी। पार्वती-काली सिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना नए युग का सूत्रपात है।
सिंहस्थ में क्षिप्रा के जल से ही कराएंगे स्नान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की शिप्रा नदी में दो तरह की चुनौतियां थीं। पिछले सिंहस्थ में साधु-संतों ने गंभीर नदी के पानी से स्नान किया था। स्नान तो हुआ और सिंहस्थ संपन्न हुआ, लेकिन शिप्रा नदी का पानी उपलब्ध नहीं था। इस बार जल संसाधन विभाग ने व्यवस्था कर दी है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से स्नान हो सके। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। बारिश के क्षिप्रा जल को संग्रहित करने के लिए बड़ा तालाब बनाया गया है, जिसके पानी से क्षिप्रा वर्षभर प्रवाहित हो सकेगी।
आपस में भी जुड़ेंगी मप्र की नदियां
दो या अधिक राज्यों के बीच नदी जोड़ो अभियान की तरह मप्र की नदियां भी आपस में जुड़ सकें, इस पर भी सरकार ने काम शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर से उज्जैन आने वाली गंभीर और खान नदी को मिलाने के लिए टनल बनाकर नदी से नदी जोडऩे का काम किया गया है। ऊपर खेती होती है और नीचे नदी की धारा बहती है।
मप्र खुद कर सकेगा यूरिया की आपूर्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में पहले जीआईएस नहीं होती थी। राज्य में उद्योग नहीं आएंगे तो अर्थव्यवस्था गड़बड़ाएगी। इसलिए पहली बार संभाग स्तर पर रीजनल कॉन्क्लेब आयोजित किए गए। सागर में खाद का कारखाना चालू होने से यूरिया और अन्य खाद की आपूर्ति में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने न केवल व्यवस्थाएं चलाईं, बल्कि दूरदर्शी सोच के साथ ऐसे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जो सामान्यत: लंबा समय लेते।
सिर्फ दो साल में पूरा किया पंप स्टोरेज का काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच में पंप स्टोरेज का काम सिर्फ दो साल में पूरा किया गया। अधिकारी भी इसे असंभव बता रहे थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री से पानी रोकने का आग्रह किया तो उन्होंने 15 दिन में रोक दिया। इससे काम आसानी से और बहुत कम अवधि में पूरा हो गया।
भोपाल से हटाया जलरीले कचरे का कलंक
मुख्यमंत्र ने कहा कि भोपाल में 41 साल से पड़ा गैस त्रासदी का कचरा सरकार ने हटाया है। मुख्यमंत्री ने इंदौर की हुकुम चंद मिल का उल्लेख करते हुए कहा कि 300-400 करोड़ के बकाया में उलझी मिल का निराकरण होने के बाद अब 70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट यहां लगने वाला है।
राशि बढ़ाकर लेंगे निजी चिकित्सकों की सेवाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र में तेजी से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं तो हमको उसके हिसाब से मैनपॉवर भी चाहिए। स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञ नहीं मिलना चुनौती तो है, लेकिन हमने तय किया है कि हम निजी क्षेत्र से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में आगे लाएंगे। चिकित्सकों को स्थानीय पदस्थाना पर भी विचार कर रहे हैं।
चार शहर बने महानगरीय क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि, मध्यप्रदेश में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी घोषित किया है। एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 को भी स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि मई 2025 में इंदौर मेट्रो और दिसंबर 2025 में भोपाल मेट्रो का परिचालन शुरू होगा।
इन उपलब्धियों पर भी बोले मुख्यमंत्री
मप्र की ई-नामांतरण देश के लिए उदाहरण बनी है। देश में सबसे सस्ती बिजली मप्र दे रहा है। मप्र में 8-9 एयरपोर्ट हो गए हैं। 10वें का काम चालू है। 19 धार्मिक नगरो में शराब बंदी की पहल हमने की। एक बगिया माँ के नाम, जल गंगा अभियान के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरक्षण में मप्र देश का पहले नंबर का राज्य है। पराली जलाने से रोकने के लिए धान-गेहँू के कचरे से बिजली उत्पादन प्रोजक्ट बना है। नगर निगम की खिडक़ व्यवस्था के स्थान पर गौशाला संचालन और गौवंश आधारित उद्योग के लिए सरकार सवा सौ एकड़ भूमि, अनुदान भी देगी। ई-बस सेवा शुरू होने जा रही है। गरीब उत्थान के साथ बजट डबल करने का लक्ष्य लिया है। प्रति व्यक्ति आय बढक़र 1.84 लाख से अधिक हुई है। भावांतर के माध्यम से किसानों को फसलों का अधिकतम दाम दिलाया। लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये मिलने लगे हैं। सरकार अपना हर कमिटमेंट पूरा करेगी।
नशा नियंत्रण के लिए काम करेगी सरकार
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार नशे के प्रत्येक व्यापार पर कड़ाई कर रही है। अगले तीन सालों में इसे नियंत्रित करने का प्रयास करेंगे। लेकिन इस पर पूर्ण नियंत्रण के लिए समाज को आगे आना होगा और सामूहिक प्रयास करना होगा। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती का बाजार तैयार करने पर काम कर रही है, लेकिन ऑर्गेनिक की जांच की व्यवस्था भी की जा रही है।
सभी क्षेत्रों में हुआ अभूतपूर्व विकास: देवड़ा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मध्यप्रदेश विकास में पहले नंबर पर है। मप्र में सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। विगत दो वर्ष उपलब्धि पूर्ण रहे हैं। विकास और विरासत दोनों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
विकास में नई ऊंचाई पर मप्र: खंडेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि विकास और सेवा के ये दो वर्ष अच्छे शासन, पारदर्शिता और त्वरित निर्णयों के लिए जाने जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रभावी नेतृत्व में मप्र विकास की नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रदेश और जिला स्तर की उपलब्धियों, सफलता की कहानी और सरकार की योजनाओं से जुड़ी नई राहें-नए आयाम पुस्तकों का विमोचन भी किया।
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