मध्यप्रदेश

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चिरूला: दुर्घटना या हत्या !चार दिन बाद फिर शुरू हुईं अवैध वसूली

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भोपाल। दतिया जिले के चिरूला चेकपॉइंट पर अवैध वसूली के फेर में लगातार मौतें हो रही हैं, इसके बावजूद वसूलीखोर अवैध वसूली से बाज नहीं आ रहे है।  

उल्लेखनीय है कि विगत मंगलवार की रात साढ़े 9 बजे चिरूला चेकपॉइंट पर वसूलीखोरों से बचकर भाग रहे एक चालक के ट्राले से कुचलकर भरतपुर, राजस्थान निवासी विश्वेंद्र सिंह यादव की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सभी वसूलीखोर शव को सड़क पर पडा छोड़कर भाग निकले थे।मृतक के भाई रामनिवास ने अन्य ट्रक चालकों के साथ शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम किया तो यहां वसूली बंद हो गई थी। चार दिन तक वसूली बंद भी रही लेकिन रविवार से फिर से चालू कर दी गई है। हालांकि पहले दिन भाड़े के वसूलीखोरों की संख्या समिति है और चिन्हित ट्रालो  को ही रोका जा रहा है। वहीं मृतक का परिवार चिरूला पर इन अवैध वसूली खोरों को छोड़ने के मूड में नहीं है। सोमवार को मृतक के परिजन और रिश्तेदार दतिया पहुंचकर कलेक्टर और एसपी से मिलकर कार्रवाई की गुहार लगाएंगे। मगर यहां से न्याय नहीं मिला तो मृतक की अंतिम क्रिया के बाद सपरिवार भोपाल पहुंचकर बीजेपी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से न्याय मांगने की तैयारी में है। मृतक के भाई रामनिवास यादव ने बताया कि वह हर हाल में भाई को न्याय दिलाकर रहेगा।

आपदा को अवसर में बदलने की तैयारी में प्रभारी

विगत 22 सितंबर को चिरूला चेकपॉइंट पर वसूली के फेर में हुए एक्सीडेंट के बाद ट्रक चालकों ने हंगामा किया सड़क जाम की तो चेकपॉइंट प्रभारी ने वसूली तुरंत बंद करने के आश्वासन के साथ जाम खुलवाया था। इसके बाद 12 दिन वसूली बंद रही लेकिन 3 अक्टूबर से वसूली कारोबार फिर से चालू कर दिया। खास बात यह रही कि प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों तक इसकी भनक तक नहीं लगने दी। अधिकारियों को बताया गया कि चेकिंग 1 नवंबर से शुरू की जा सकी है। सूत्रों का कहना है कि प्रभारी एक बार फिर से आपदा में अवसर तलाशने की तैयारी में है।