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बांग्लादेश में हिंदू युवक की निर्मम हत्या का भोपाल में विरोध, विहिप ने किया उग्र प्रदर्शन, 1971 जैसी कार्रवाई की मांग
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भोपाल। बांग्लादेश में ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाकर हिन्दू युवक दीपू चंद्रहास की निर्मम हत्या के विरोध में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल भोपाल विभाग के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि 1971 में पाकिस्तान का हिस्सा रहते भारत ने बांग्लादेश पर जिस तरह की कार्रवाई की, एक बार फिर से उसी तरह की कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान संबोधन में विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में मारे गए हिन्दू दीपु चंद्र दास ने लिखा था कि ‘सभी भगवान अलग-अलग नामों से एक ही हैं।’ इसे ईशनिंदा माना गया। इसी कारण उसे जिंदा जला दिया गया। ऐसी सोच अत्यंत खतरनाक है, क्योंकि यह भारत में धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद को ही चुनौती देती है। स्वयं को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली शक्तियां, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग और विश्वभर के मानवाधिकार मंच इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन क्यों हैं। विहिप का कहना है कि यह बांग्लादेश में कानून के शासन के पूर्ण और जानबूझकर हुए पतन तथा राज्य की गंभीर जिम्मेदारी से पलायन को दर्शाता है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय असुरक्षित और भयभीत
विहिप ने कहा कि बांग्लादेश इस समय अनिश्चितता, अराजकता और कानून विहीनता के गंभीर दौर से गुजर रहा है। इस भयावह वातावरण में कट्टरपंथी और उग्रवादी तत्वों ने हिंदुओं, सिखों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बेलगाम हिंसा शुरू कर दी है। एक हिंदू युवक की यह अमानवीय हत्या कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती असुरक्षा, भय और व्यवस्थित उत्पीडऩ का भयावह प्रतिबिंब है। यह स्थिति पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का यह नैतिक और मानवीय दायित्व है कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए।
मूकदर्शक बनकर नहीं रहे भारत
विहिप ने कहा कि बांग्लादेश में इस तरह के हालातों में भारत मूक दर्शक बना नहीं रह सकता और न ही रहना चाहिए। भारत की परंपरा रही है कि वह दुनिया भर में उत्पीड़ित और पीडि़त समुदायों के साथ खड़ा रहा है। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल भोपाल ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कूटनीतिक, राजनीतिक और मानवीय उपाय करे। विहिप ने मुहम्मद यूनुस को दिए गए नोबेल शांति पुरस्कार को तत्काल वापस लेने की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान विहिप के विभागमंत्री जीवन शर्मा विभाग सह मंत्री हरिओम शर्मा, विभाग सयोजक बजरंग दल अभिजीत राजपूत, विभाग सह संयोजक नीरज प्रजापति, यतेंद्र जादौन, पप्पू पालीवाल सहित भोपाल विभाग के सभी जिलों के जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, सह मंत्री, जिला सयोजक बजरंग दल, जिला सह संयोजक सहित जिला समिति, प्रखंडों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे
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