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राज्य पुलिस सेवा के 4 अधिकारी बने आईपीएस, डीपीसी में 15 नामों पर हुआ था मंथन, 11 को नहीं मिल सकी पदोन्नति

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भोपाल। राज्य पुलिस सेवा के चार अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा संवर्ग मिला है। ये सभी अधिकारी 2024 की डीपीसी में पदोन्नत किए गए हैं। भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए अधिकारियों में विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे और राजेश रघुवंशी शामिल हैं। 

गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे और राजेश रघुवंशी को आईपीएस अवॉर्ड किया जा रहा है। ये चारों अधिकारी एक साल के लिए परिवीक्षा अवधि में रहेंगे।

डीपीसी के एक माह बाद जारी हुआ नोटिफिकेशन 

राज्य पुलिस सेवा के 1997 और 1998 बैच के इन अधिकारियों को पदोन्नत कर आईपीएस संवर्ग में शामिल किए जाने लिए 21 नवंबर को डीपीसी की बैठक हुई थी। विक्रांत मुरब राज्य पुलिस सेवा के 1997 बैच के अधिकारी हैं, जबकि सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे और राजेश रघुवंशी 1998 बैच के अधिकारी हैं। डीपीसी बैठक के एक माह बाद बुधवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इससे पहले भी 12 सितंबर को इन पदों के लिए डीपीसी की बैठक हुई थी, लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने में देरी और प्रशासनिक कारणों से उसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 21 नवंबर को समिति की फिर से बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लिया गया। वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर सीताराम ससत्या और अमृत मीणा का नाम था। अमृत मीणा के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति के बाद उनकी पदोन्नति अटकी है, वहीं ससत्या की विभागीय जांच के चलते पदोन्नति नहीं हो सकी है। डीपीसी के लिए 15 नामों पर विचार किया गया था। इनमें निमिषा पांडेय, राजेश कुमार मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सव्यसाची सर्राफ, समर वर्मा और सत्येंद्र सिंह तोमर के नाम शामिल थे।