राजधानी

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खबर का असर: मरीजों के भोजन में गड़बड़ी की जांच के लिए गठित होगी कमेटी, जेपी में भोजन की गुणवत्ता में सुधार लेकिन बर्तन फिर भी नहीं मिले

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भोपाल। भोपाल जिला (जेपी) अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले दैनिक आहार में गड़बड़ी को उजागर किए जाने के बाद मंगलवार को ठेकेदार ने भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार किया। हालांकि मरीजों को भोजन की थाली नहीं दी गई। दूध की मात्रा निर्धारित माप से सुबह आधी रही,वहीं शाम का दूध एक बार फिर से चोरी किया गया।  

उल्लेखनीय है कि भोपाल जिला (जेपी) अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जा रहे दैनिक आहार (डाइट) में गड़बड़ी के संबंध में मंगलवार को ‘सरकारी आहार के नाम पर मरीजों से धोखा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार में आहार वितरण का ठेका लेने वाली एजेंसी द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर की जा रही गड़बडिय़ों को उजागर किया था। खबर  पर संज्ञान लेकर अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार से सवाल-जवाब किए तो मंगलवार को ठेेकेदार ने पहली बार अपने भोजन के मीनू में बदलाव किया। 

भोजन में मंगलवार को क्या बदला

दोपहर के भोजन में ठेकेदार ने अच्छी गुणवत्ता और पर्याप्त बजन की रोटियां दीं। विगत एक सप्ताह में पहली बार तुआर की दाल और पालक आलू की सब्जी भी दी। इससे पहले सिर्फ सेम, गिलकी और पत्तागोभी की रसेदार सब्जी ही परोसी जा रही थी। 

यह अभी भी नहीं बदला 

ठेकेदार ने मीनू में चाबल या दलिया शामिल नहीं किया। सुबह दिए जा रहे दूध की मात्रा में बदलाव नहीं हुआ और 250 मि.ली के स्थान पर सिर्फ सौ ग्राम ही दिया गया। रात्रि में निर्धारित मात्रा 250 मिलीलीटर दूध नहीं दिया गया। 


  • ‘आपके द्वारा समाचार के माध्यम से मरीजों के दैनिक आहार में जो गड़बड़ी संज्ञान में लाई गई है। उसकी जांच के लिए जांच समिति गठित कर रहे हैं। इस गड़बड़ी में जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। ’
  • मनीष शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल