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मध्यप्रदेश
मप्र के नौ जिलों में नियुक्त होंगे सडक़ सुरक्षा मित्र, समन्वय स्वयंसेवक करेंगे जागरुक, सडक़ सुरक्षा ऑडिट और दुर्घटना जांच के लिए प्रशिक्षित होंगे तकनीकी स्वयंसेवक
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भोपाल। सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने, जीवन बचाने और सामुदायिक भागीदारी से भविष्य के लिए प्रमाणित सडक़ सुरक्षा ऑडिटरों का कुशल नेटवर्क तैयार करने के उद्देश्य से सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रायल, भारत सरकार के निर्देश पर मप्र के नौ जिलों का चयन कर उनमें सडक़ सुरक्षा मित्र कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए दो प्रकार के स्वयंसेवकों को शामिल किया जाएगा। सामान्य स्वयंसेवक सडक़ सुरक्षा के संबंध में जागरुक और दुर्घटना के तुरंत बाद सहयोग करेंगे जबकि तकनीकी स्वयंसेवक, जिनमें इंजीनियरिंग स्नातक शामिल होंगे। इन्हें सुरक्षा ऑडिट और दुर्घटना जांच के लिए प्रशिक्षित कियाजाएगा।
इन जिलों में चलेगा कार्यक्रम
सडक़ सुरक्षा मित्र कार्यक्रम के लिए अभी कुल 9 जिले चिन्हित किए गए हैं। इनमें छिंदवाड़ा, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खरगोन, रीवा, सागर और सतना शामिल हैं। इन नौ जिलों के इच्छुक व्यक्ति जिले के कलेक्टर कार्यालय में संपर्क कर प्रशिक्षण में शामिल हो सकते हैं।
केन्द्र सरकार के कार्यक्रम का उद्देश्य
सडक़ सुरक्षा जागरुकता और आपातकालीन सहायता में समुदाय को शामिल करना, प्रशिक्षित सडक़ सुरक्षा ऑडिटरों का एक समूह तैयार करना, ताकि इस क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की कमी को दूर किया जा सके और स्वयंसेवकों को प्रमाणन और सरकारी परियोजनाओं में भागीदारी के माध्यम से भविष्य का मार्ग दिखाना।
स्वयंसेवक इस तरह होंगे प्रशिक्षित
सेव लाइफ फाउंडेशन और आईआईटी मद्रास-सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में प्राथमिक चिकित्सा और प्रथम सहयोगकर्ता के व्यवहार, दुर्घटना जांच की मूल बातों, सडक़ सुरक्षा ऑडिट ओर ब्लैक स्पॉट की पहचान का प्रशिक्षण होगा। सफल प्रतिभागियों को आईआईटी मद्रास द्वारा सडक़ सुरक्षा ऑडिटर के रूप में प्रमाणित किया जाएगा, जिससे भविष्य में करियर के अवसर खुल सकें। इन प्रमाणित स्वयंसेवकों को सुडक़ सुरक्षा ऑडिटर के रूप में मान्यता दी जाएगी। सरकारी परियोजनाओं और सडक़ सुरक्षा पहलों में भागीदारी के अवसर देकर इन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
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