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आयकर विभाग ने अटैच की परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की संपत्तियां

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भोपाल। 18 दिसम्बर 2024 को लोकायुक्त और आयकर के छापे से पहले परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा द्वारा राजधानी के शाहपुरा बी सेक्टर में तैयार कराई जा रही स्कूल इमारत को आयकर विभाग ने अटैच कर लिया है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय और लोकायुक्त भी सौरभ से जुड़ी कई संपत्तियों को अटैच करचुके हैं। 

उल्लेखनीय है कि सौरभ शर्मा द्वारा राजस्थान के प्रसिद्ध जयपुरिया स्कूल की फ्रेंचायजी लेकर स्कूल संचालन किए जाने के लिए राजधानी के शाहपुरा बी सेक्टर में बहुमंजिला इमारत तैयार कर रहा था। सौरभ पर कार्रवाई के बाद इस इमारत में काम आगे नहीं बढ़ सका, वहीं जयपुरिया स्कूल समूह ने उसकी फ्रेंचायजी भी निरस्त कर दी। इस स्कूल की प्रबंध समिति में सौरभ की माँ श्रीमती उमा शर्मा चेयरमैन और पत्नी श्रीमती दिव्या तिवारी, मित्र चेतन गौर और शरद जायसवाल डायरेक्टर बनाए गए थे। 

नकदी सोने से हुई थी आयकर की ऐंट्री  

18 दिसम्बर 2024 को सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी स्थित निवासों पर लोकायुक्त टीमों के छापे के बीच से निकलकर भागी 52 किलो सोना और 11 करोड़ की नकदी से भरी कार की जब्ती आयकर विभाग ने मेंडोरी के जंगलों से की थी। इस कार को सौरभ और चेतन एक दूसरे की बताते रहे हैं। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय के बाद  आयकर और आखिरी में लोकायुक्त टीम ने भी इस सोने और नकदी सहित अन्य चल-अचल संपत्तियों को सौरभ की अवैध कमाई माना। ईडी पहले ही सौरभ की सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों को अटैच कर चुकी है। 

स्कूल की लागत 7.50 करोड़

जयपुरिया स्कूल की फ्रेंचायजी के लिए तैयार कराई रही इमारत को आयकर विभाग ने लगभग 7.5 करोड़ रुपए की लागत का माना है। यह स्कूल भवन राजमाता (भारतमाता) शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति भोपाल के नाम पर पंजीकृत है। इस इमारत की भूमि को लेकर भी विवाद की स्थिति है। कॉलोनीवासी इसे सार्वजनिक पार्क की भूमि बताते हैं।सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ सरकार में एक स्थानीय तत्कालीन मंत्री के सहयोग से यह जमीन सौरभ की समिति के नाम पर पंजीकृत कर दी गई।