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वर्दी में वसूलीखोर: चिरुला चैकपॉइंट पर पूर्व आरटीआई का साला है अवैध वसूली ठेकेदार, टीसी का आदेश खूंटी पर, ठेके पर चल रहा दतिया जिले में स्थायी चेकपॉइंट
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भोपाल। परिवहन विभाग का दतिया जिले में स्थित चिरूला चेकपॉइंट अवैध उगाही का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है। चेकपॉइंट प्रभारी के.के.गोस्वामी के संरक्षण में यहां पूर्व परिवहन निरीक्षक का साला अवैध वसूली का ठेका लिए है। दो दर्जन से अधिक कटर अर्धसैनिक बलों के समान वर्दी पहनकर वाहनों से जबरदस्ती अवैध वसूली कर रहा है। इस अवैध वसूली के फेर में इस चेकपॉइंट पर हर दिन सडक़ दुर्घटनाएं हो रही हैं।
परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों को खूंठी पर टांग चिरुला चैकपॉइंट प्रभारी के.के.गोस्वामी ने स्थानीय प्रायवेट दलाल प्रमोद (महेंद्र) शर्मा को अवैध वसूली का ठेका दे दिया है। जो सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक लगातार अपने दो दर्जन से अधिक प्रायवेट कटर के साथ अवैध वसूली कर रहा है। ट्रक चालकों के अनुसार इस मार्ग से हर दिन गुजर रहे एक से डेढ़ हजार ट्रकों से 500 रुपये से एक हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। इस तरह प्रतिदिन करीब 4.50 से 5 लाख रुपये और महीने में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की उगाही हो रही है।
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा परिवहन विभाग के पूर्व से संचालित चेकपोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद किया था। 3 महीने तक अवैध वसूली नहीं हुई तो परिवहन दस्ते ने राजस्व वसूली भी रोक दी। शासन को हो रहे नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने चेकपोस्ट के स्थान पर वाहनों में अनियमितता की जांच के लिए चेकपॉइंट संचालन शुरू कराया था। वाहन चेकिंग की आड़ में कई चेक प्वाइंट्स पर अवैध वसूली शुरू हो गई।
चेकपॉइंट प्रभारी कर रहा मौतों का सौदा
दतिया के चिरुला चैकपॉइंट पर विगत छह महीने मे ही अवैध वसूली के लिए ट्रक रोके जाते समय दर्जनभर से अधिक गंभीर सडक़ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। करीब आधा दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन चेकपॉइंट प्रभारी केके गोस्वामी और चिरुला थाना प्रभारी की सांठगांठ के चलते आरोपी सिर्फ ज्ञात और अज्ञात ट्रक चालक बना दिए जाते हैं। घायलों या मृतकों की शिकायतों पर भी आरोपी वसूलीखोर चैकपॉइंट प्रभारी और उनके लिए अवैध वसूली करते कटर नहीं बनाए जा रहे हैं।
पूर्व आरटीआई का साला है कटर प्रमोद शर्मा?
चिरुला चेकपॉइंट प्रभारी के लिए अवैध वसूली का ठेका लेने वाला डबरा जिला ग्वालियर निवासी प्रमुख कटर प्रमोद (महेन्द्र) शर्मा खुद को परिवहन विभाग के पूर्व निरीक्षक पाठक का साला बताता है। पूर्व टीएसआई पाठक ने ही वसूली की पिछली व्यवस्था के दौरान इसे इस अवैध धंधे से जोड़ा था। गोस्वामी की बिलौआ अस्थायी चेकपोस्ट पर एवं शहडोल फ्लाइंग में पदस्थापना के दौरान भी यह साथ रहा। जल्द ही इस दलाल और उसके संरक्षक आरटीआई की आकूत संपत्तियां उजागर होंगी।
कहां है परिवहन आयुक्त का आदेश?
राज्य की सीमाओं पर वाहनों की चैकिंग के लिए परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि चेकपॉइंट पर बिना प्रभारी अर्थात सहायक उप परिवहन निरीक्षक (एटीएसआई) स्तर से नीचे के अधिकारी की अनुपस्थिति में वाहन चेकिंग नहीं हो सकेगी। लेकिन चेकपॉइंट प्रभारी के.के.गोस्वामी प्रतिदिन शाम 7 बजे ग्वालियर में अपने सिटी सेंटर स्थित निवास पर पहुंच जाते हैं। वे सुबह 10 बजे के बाद ही चेकपॉइंट पहुंचते हैं। लेकिन कटर प्रमोद शर्मा द्वारा अपने प्रायवेट गुंडों के साथ चैकिंग शाम सात से रात्रि 12 बजे के बाद तक जारी रहती है और सुबह 4 बजे से फिर शुरू कर दी जाती है। टीसी के आदेशों के विपरीत हाईवे पर ही लाइन लगाकर हर वाहन को वसूली के लिए रोका जा रहा है। चूंकि वाहन रोकने वालों में ज्यादातर प्रायवेट कटर होते हैं, इसलिए इनके पास वॉटीवार्म कैमरे भी नहीं हैं। ट्रक चालकों द्वारा बनाए जा रहे वीडियो में इनके चेहरे साफ देखे जा सकत हैं। वर्दी पहने इन प्रायवेट कटर के वीडियो सामने आए हैं, लेकिन चेकपॉइंट प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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