Breaking News:
अपराध
वाहन खरीदने से पहले कुटेशन से निकाल ली 32 लाख सब्सिडी, शिवपुरी के मत्स्य विभाग में सब्सिडी के नाम पर फर्जीवाड़ा, सहायक संचालक सहित हितग्राहियों पर ईओडब्ल्यू ने की एफआईआर
अपराध
भोपाल। मत्स्य विभाग शिवपुरी में ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ में फर्जी कोटेशन लगाकर सब्सिडी लेकर शासन के साथ 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले विभाग के सहायक संचालक सहित हितग्राहियों और फर्म के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने एफआईआर दर्ज की है।
ईओडब्ल्यू को प्राप्त शिकायत में शिकायतकर्ता ने तत्कालीन सहायक संचालक लक्ष्मण प्रसाद रजक, राजू बाथम, अनीता बाथम, रेखा कुशवाह एवं फर्म गिर्राजजी ऑल सप्लायर के संचालक के विरुद्ध ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ में इन्सुलेटेड वाहन खरीदने हेतु दी जाने वाली सब्सिडी फर्जी तरीके से लेने के संबंध में शिकायत की थी।
शिकायत की जांच में सामने आया कि योजना के अन्तर्गत मत्स्य विभाग जिला शिवपुरी में हितग्राही राजू बाथम, अध्यक्ष मत्स्य उद्योग सहकारी समिति बैराड, रेखा कुशवाह, सदस्य मत्स्य सहकारी संस्था ग्राम छर्च, अनीता बाथम, सदस्य मत्स्य सहकारी संस्था ग्राम पचीपुरा, जिला शिवपुरी ने वर्ष 2022 में मछली पालन एवं परिवहन हेतु इन्सुलेटेड वाहनों पर इस योजना अनुसार दी जाने वाली सब्सिडी राशि जो महिला हितग्राही को कुल क्रय राशि का 60 प्रतिशत एवं पुरूष हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में दी जाती है। राजू बाथम, अनीता बाथम एवं रेखा कुशवाह ने इन्सुलेटेड वाहन नहीं खरीदकर चार सीटर लोडिंग वाहन खरीदा। तीनों वाहन एक ही कम्पनी से खरीदे गए तथा वाहनों में इन्सुलेटेड बॉक्स अलग से गिर्राजजी ऑल सप्लायर राजेश्वरी रोड शिवपुरी से लगवाने के बिल लगा दिए गए। प्रत्येक वाहन की क्रय राशि एवं इन्सुलेटेड बॉक्स लगवाने की कीमत मिलाकर लगभग 20,23,000 रुपये होती है। अनीता बाथम एवं रेखा कुशवाह को क्रमश: 12-12 लाख रुपये एवं पुरूष हितग्राही राजू बाथम को 8 लाख रुपये सब्सिडी राशि स्वीकृत कर दी गई।
वाहन खरीदे ही नहीं, कुटेशन पर ले ली सब्सिडी
ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि तीनों हितग्राही आरोपियों ने वाहन खरीदे बिना ही, मात्र कोटेशन के आधार पर सहायक संचालक मत्स्य उद्योग एलपी रजक जिला शिवपुरी ने हितग्राहियों को अनुदान राशि का अंतरण कर दिया। अनुदानित वाहनों की डिलेवरी हितग्राहियों को राशि अतंरण के बाद हुई, जबकि सब्सिडी का भुगतान पहले ही कर दिया गया। इसी प्रकार इंसुलेटेड कंटेनर के बिल पहले के मिले, जबकि दस्तावेजों के अनुसार वाहनों की डिलेवरी बाद में हुई । इस प्रकार वाहन प्राप्त हुए बिना वाहनों में इन्सुलेटेड कंटेनर लगवाया जाना संभव नहीं है। इस तरह हितग्राहियों ने गिर्राजजी ऑयल सप्लायर्स के जो बिल प्रस्तुत किए, वह बिना वाहन खरीदे ही कूटरचित तैयार कराए गए। अनुदानित वाहन के स्पेसीफिकेशन मापदण्ड के अनुरूप नहीं पाए गए।
इनके विरुद्ध दर्ज हुई एफआईआर
आहरण एवं संवितरण अधिकारी एलपी रजक ने आरोपी हितग्राहियों के साथ मिलकर शासकीय अनुदान आवंटन के दिशा निर्देशों के विरुद्ध हितग्राहियों को अनुचित तरीके से राशि 32 लाख रुपये राशि का लाभ पहुंचाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई। इस तरह तत्कालीन सहायक संचालक लक्ष्मण प्रसाद रजक, हितग्राही राजू बाथम, अनीता बाथम, रेखा कुशवाह एवं इंसुलेटेड बॉक्स/कंटेनर के कूटरचित बिल प्रदान करने वाली फर्म गिर्राजजी ऑल सप्लायर के संचालक के विरुद्ध ईओडब्ल्यू ने धारा 420, 409, 467, 468, 471,120बी भादवि एवं धारा 13(1)ए सहपठित धारा 13(2) भ्रनिअ 1988 संशोधित अधिनियम 2018 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
अन्य खबर
ट्रेंडिंग खबरें
राजनीति
मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले...
04-05-26
राजधानी
कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार
04-05-26
राजनीति
पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश...
04-05-26
राजधानी
‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में...
04-05-26
राजधानी
रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार
04-05-26