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सेनानिवृत्त कर्मचारी हुआ साइबर ठगों का शिकार, शेयर निवेश में मुनाफे का झांसा, सवा महीने में गंवाए 25 लाख
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भोपाल। शेयर में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर साईबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से सवा एक महीने के भीतर में 24 लाख, 76 हजार रुपए से ज्यादा की रकम ऐंठ ली गई। इस मामले की शिकायत छह महीना पहले हुई थी। जिसमें अब जाकर भोपाल क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच पांच मोबाइल और आठ बैंक खातों की जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस के अनुसार 67 वर्षीय मोहम्मद आरिफ जफर पिता जफर हुसैन सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। वे कोहेफिजा स्थित लेकपर्ल गार्डन में रहते हैं। उन्होंने जून, 2025 में डीमैट अकाउंट खोलने के लिए गुगल के सर्च इंजन पर जाकर देखा था। जिसके बाद उनके पास मोबाइल पर एक लिंक भेजी गई थी। इसमें एफवायईआरएस वीआईपी ट्रैडिंग स्ट्रेटजी नाम से एक फर्म दर्शाई गई थी। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें एक व्हाट्स एप ग्रुप में जोड़ लिया गया। इस ग्रुप में संदेही राजीव मेहता शेयर बाजार में निवेश करने से संबंधित टिप्स देता था। उनके कहने पर कई लोग पैसा डालते थे। जिसके स्क्रीन शॉट उसमें होते भी थे। उन्हें यकीन हो गया कि फर्म सही है और वे निवेश कर सकते हैं। जिसके बाद उन्होंने संपर्क किया तो कृतिका जोशी और सना कपूर नाम की दो महिलाओं से बातचीत भी हुई। उनके कहने पर आधार-पैन कार्ड के अलावा एक्सिस बैंक में खुले बचते खाते की जानकारी जालसाजों को दे दी। जिसके बाद मोहम्मद आरिफ जफर को एक एप्लीकेशन से जोड़ा गया। जिसमें निवेश की राशि और उसके बाद होने वाला लाभांश दिखता था।
मोटा फायदा दिखाकर निवेश कराते रहे राशि
पीडि़त ने निवेश की शुरूआत दस हजार रुपए से की थी। यह रकम डालते ही उन्हें एक लाख रुपए का फायदा हुआ। यह देखते हुए कई किस्तों में पैसा जमा करते रहे। यह निवेश उन्होंने 25 जून से 30 जुलाई, 2025 तक किया था। इसके बाद जब उन्होंने लाभांश 23 लाख रुपए से ज्यादा देखा तो वे उसे निकालने का प्रयास करने लगे। जिसके बाद जालसाजों ने अपनी तकनीक में फंसाकर उनकी जमा रकम निकालने के नाम पर पैसा ऐंठना शुरु कर दिया। जालसाजों ने कहा कि नियमों के तहत लाभांश का दस प्रतिशत उन्हें जमा करना होगा। जिस कारण 29 जुलाई को उन्होंने एक लाख, 92 हजार 469 रुपए जमा करा दिए।
इन खातों में ट्रांसफर हुई रकम
इसके बाद जालसाजों ने बताया कि उन्हें केपिटल गैन टैक्स देना होगा। यह रकम जालसाजों ने तीन लाख, 30 हजार, 920 रुपए बताकर जमा कराई। इसके बाद भी पैसा नहीं देते हुए जालसाजों ने कहा कि रकम बहुत बड़ी है। खाता सुपरविजन मोड पर चला गया है। उन्हें दूसरा खाता खोलने और उसकी जानकारी देने के लिए बोला। इसके लिए वे 11 लाख, 15 हजार रुपए से ज्यादा की रकम मांगने लगे। ऐसा नहीं करने पर लाभांश की रकम फ्रीज होने की चेतावनी जालसाजों ने दी। इसके बाद उन्हें विश्वास हो गया कि वे धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। पीडि़त ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी जांच भोपाल क्राइम ब्रांच की सायबर यूनिट कर रही थी। पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों के पांच मोबाइल नंबर पता चले हैं। इन नंबरों के संबंध में टेलीकॉम कंपनी को नोटिस भेज दिया गया है। इसके अलावा आठ बैंक खातों की जानकारी सायबर क्राइम ब्रांच को मिली है। यह खाते यस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक समेत अन्य हैं। इन सभी बैंकों से खाते में रकम ट्रांसफर न करने के लिए लिखकर दे दिया गया है। पुलिस कुछ रकम फ्रीज करा दी है। इससे पहले जालसाज ने मोटी रकम इधर-उधर कर दी है। सायबर क्राइम इस मनी ट्रैल का पता लगा रही है।
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