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राजधानी

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भाजपा की शरण में कांग्रेसी तेजकुलपाल सिंह पाली, भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में तैयार हो रहे राजनीतिक गठजोड़!

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भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कांटे का होता नजर आ रहा है। अध्यक्ष पद पर दोनों ही प्रत्याशी कांग्रेस धड़े से हैं। गोविंद गोयल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर रहे हैं। वहीं पाली ने चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पद पर रहते हुए कमलनाथ सरकार में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ली थी। मंगलवार की दोपहर में तेजकुलपाल सिंह पाली अचानक प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे और भाजपा पदाधिकारियों से भेंट की। इसके बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में राजनीतिक गठजोड़ को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। 

प्रदेश महामंत्री कोठारी से हुई चर्चा 

भाजपा कार्यालय में पाली ने प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी से भेंट की। ‘स्वदेश’ से चर्चा में श्री पाली ने कहा कि वे निजी काम से भाजपा कार्यालय गए थे। श्री कोठारी उनके मित्र हैं, तो उसने मुलाकाम की। भाजपा नेतृत्स से समर्थन मिलने अथवा मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने इंकार किया। 

त्यागपत्र के बाद भी चुनाव मैदान में पाली? 

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में अध्यक्ष पद के दोनों ही प्रतिद्वंदी गोयल और पाली के बीच हो रहा चुनाव विस्मय भरा है। प्रगतिशील पैनल की ओर से प्रत्याशी पाली चार महीने पहले तक चैंबर के अध्यक्ष थे, लेकिन 3 अक्टूबर 2025 को उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनके त्यागपत्र के साथ ही गोविंद गोयल के पुत्र आकाश गोयल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। अध्यक्ष पद के लिए आकाश ने भी फार्म भरा था। लेकिन चुनाव डमी फार्म भरने वाले उनके पिता गोविंद गोयल लड़ रहे हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते हैं। वहीं त्यागपत्र देने वाले पाली का फिर से मैदान में आना और चुनावों के बीच भाजपा जाना राजनीतिक गठजोड़ की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि चुनाव में दोनों के बीच टक्कर कांटे की मानी जा रही है।