Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
मध्यप्रदेश

Image Alt Text

बियरबार संचालक ने की बैंक से 166.83 करोड़ की धोखाधड़ी,फर्जीवाड़ा कर बेची बंधक संपत्तियां, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण

मध्यप्रदेश

भोपाल/रीवा। 13 साल पहले वर्ष 2013 में केनरा बैंक की रीवा शाखा से गृह ऋण एवं अपनी फर्म के नाम से व्यवसायिक ऋण लेने वाले बियरबार संचालक के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र एवं आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है। 

ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्रकरण के अनुसार लाल बहादुर सिंह उर्फ एल.बी.सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह ने स्वयं एवं अपनी फर्म मेसर्स सिंह एंड कंपनी के प्रोपराईटर के रूप में वर्ष 2013 में केनरा बैंक की रीवा शाखा से गृह ऋण एवं फार्म के लिए व्यवसायिक ऋण सहित कुल 58 लाख रुपये का ऋण लिया था। इस ऋण के लिए आरोपी लाल बहादुर सिंह ने अपना हाउसिंह बोर्ड कॉलोनी पडऱा, रीवा स्थित मकान सहित कुल चार संपत्तियां बैंक में बंधक रखीं थीं। लेकिन लाल बहादुर सिंह ने बैंक ऋण चुकता किए बिना ही धोखाधड़ी कर बंधक संपत्तियों में से दो मकान बेच दिए तथा एक दुकान का स्वरूप बदल दिया, जिससे बैंक अपने ऋण की वसूली नहीं कर सके। बैंक प्रबंधन ने इस धोखाधड़ी की शिकायत ईओडब्ल्यू से की। उस समय बैंक की कुल बकाया राशि 166.83 लाख रुपये थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू ने लालबहादुर सिंह और प्रोपराईटर, मेसर्स सिंह एंड कंपनी के विरुद्ध धारा 406, 420, 120बी भादंवि के तहत अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।