Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
मध्यप्रदेश

Image Alt Text

भाजपा खुश, कांग्रेस असंतुष्ट, राजनीति और व्यापारियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश

भोपाल। अधोसंरचना विकास के साथ-साथ गरीब, किसान, युवा, महिला, व्यापारी को राहत देने वाले केन्द्रीय बजट को लेकर विभिन्न वर्गों से मिली-जुली प्रतिक्रिया आई।ज्यादातर लोगों ने केन्द्रीय बजट के प्रति संतुष्टि व्यक्त करते हुए इसे आम नागरिकों को राहत के साथ-साथ राष्ट्र के सशक्तिकरण और विकास का बजट बताया। प्रकाशित हैं, बजट के संबंध में विभिन्न समाज वर्गों, राजनीतिक प्रतिनिधियों की ओर से आईं प्रतिक्रियाएं।  


विश्वास पर आधारित विकास का बजट: खंडेलवाल 

केन्द्रीय बजट विश्वास पर आधारित विकास का बजट है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का बजट है। यह बजट आने वाले अगले 10 वर्षों में भारत किस दिशा में आगे बढ़ेगा, उसे तय करने वाला बजट है। यदि भारत को दुनिया के नक्शे पर अग्रणी बनना है, तो हमें उन सभी क्षेत्रों पर ध्यान देना होगा जहां आज अमेरिका और चीन आगे हैं। इस बजट में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जिनसे भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सके। जिन क्षेत्रों में दुनिया के केवल दो-तीन देशों का दबदबा है, उन रणनीतिक उत्पादों के निर्माण पर भारत में विशेष ध्यान दिया गया है। युवा और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। करदाताओं को राहत देते हुए सजा की जगह नाममात्र के अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है। यह बजट डर से मुक्त टैक्स व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है। यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला बजट है। किसान, युवा, महिला, उद्योगपति या व्यवसायी, सभी के लिए इस बजट में कुछ न कुछ सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर यह बजट समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।


केंद्रीय बजट में सर्व समाज के लिए दृष्टि का अभाव: कमलनाथ

भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्रीय बजट को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘केंद्र सरकार का आज पेश बजट पूरी तरह से दिशाहीन है। इसमें किसानों, नौजवानों, महिलाओं, आदिवासी, दलित, ओबीसी और सर्व समाज के लिए दृष्टि का अभाव है। मध्यम वर्गीय परिवार आयकर में छूट की आशा रखते थे लेकिन उस दिशा में सरकार ने कोई क़दम नहीं बढ़ाया। बजट में मध्य प्रदेश को पूरी तरह उपेक्षित किया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को तीन हज़ार रुपये प्रतिमाह भत्ता और किसानों को गेहूं तथा धान का बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य प्रदान करने का वादा किया था। लेकिन इस दिशा में केंद्रीय बजट से मध्य प्रदेश को कोई सहयोग नहीं मिला है। मध्य प्रदेश के प्रति सौतेला व्यवहार किया गया है।


भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की संकल्पना का बजट: देवड़ा 

मप्र के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रतिक्रिया में कहा कि केन्द्रीय बजट वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को साकार करने वाला है। यह प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए चार प्रमुख वर्गों गरीब, किसान, युवा और महिला को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। केंद्रीय बजट ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ की भावना को यह बजट पूरी तरह से प्रतिबिंबित करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज से संबंधित करों में छूट का प्रावधान किया गया है। नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने का भी प्रावधान किया गया है, जो दूरदर्शी कदम साबित होगा। यह एक सर्वस्पर्शी बजट है, जिसमें गरीब, किसान, युवा, महिला, मजदूर सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। यह बजट जनता का बजट है और जनता को समर्पित है।


केंद्रीय बजट कटौती, मंदी और छलावे का बजट: जीतू पटवारी

भोपाल। मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया में कहा कि यह बजट देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति से आंख मूंदने वाला और केवल आंकड़ों की बाजीगरी वाला बजट है। लगभग डेढ़ घंटे के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने गिरते रुपए, विदेशी निवेश के लगातार बाहर जाने, निजी निवेश की कमी और आर्थिक मंदी जैसे गंभीर विषयों पर एक शब्द भी नहीं कहा। यह बजट कटौती के सहारे गढ़ा गया बजट है, जिसके आंकड़े स्वयं यह साबित करते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था गहरी मंदी की ओर बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने अपने ही बजटीय अनुमानों में भारी कटौती कर दी है।


देश के सर्वांगीण विकास का बजट: तोमर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने केन्द्रीय बजट को देश के सर्वांगीण विकास का बजट बताते हुए कहा कि जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग, सभी को राहत देने वाला है। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए किए गए बजट प्रावधान से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन जैसे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।


‘विकसित भारत 2047’ को सशक्त करने वाला बजट: सारंग 

खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने केंद्रीय बजट को ‘विकसित भारतञ्च2047’ के लक्ष्य को मजबूती देने वाला, परिपूर्ण और नए आयाम स्थापित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के संकल्प के साथ देश के हर वर्ग के कल्याण, संरक्षण और सर्वांगीण विकास की स्पष्ट दिशा देता है। केंद्रीय बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और विश्वास का सशक्त प्रतिबिंब है। बजट खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और रोजगार के अनेक अवसर प्रदान करता है। 


विकास और जनकल्याण को समर्पित बजट: सिलावट

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केंद्रीय बजट को बजट विकास और जनकल्याण को समर्पित बताया है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय बजट देश के समग्र विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण, कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल है। बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से राज्यों को लाभ पहुँचाने का स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है, जिससे मध्यप्रदेश को व्यापक लाभ मिलेगा। 


बजट में महिलाओं, बच्चों,वंचित वर्गों के लिए समावेशी दृष्टिकोण: सुश्री भूरिया

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देना सरकार की संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। आंगनवाड़ी, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल संरक्षण से जुड़ी पहलों को मजबूती मिलने से जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इससे न केवल महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत होगी।


समृद्ध भारत के लक्ष्य को परिलक्षित करता बजट : कुशवाह

सामाजिक न्याय दिव्यांग जन कल्याण खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने केन्द्रीय बजट को समृद्ध भारत के विजन को परिलक्षित करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य की पूर्ति में बढ़ता हुआ कदम है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और सूक्ष्म-लघु उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। खेती में एआई का प्रयोग बढ़ाया जाएगा। अधोसंरचना विकास को बढ़ावा देने वाला, जनता को समर्पित, विकासोन्मुख, और समावेशी बजट है।


जनता के हित का बजट: राजपूत

मप्र के खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने केन्द्रीय बजट को जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें राज्य के शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास और रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। हर जिले में महिला छात्रावास निर्माण की घोषणा से विशेषकर जनजातीय और ग्रामीण अंचलों की छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, जिससे वे बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। यह निर्णय बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।


विरासत और विकास के संकल्प को नई ऊँचाई देगा बजट: लोधी

बजट में 15 पुरातात्विक स्थलों को ‘अनुभवात्मक पर्यटन केंद्रों’ के रूप में विकसित करने और 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स के कौशल विकास की पायलट योजना सराहनीय है। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना से प्रदेश के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक पहचान मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र में सी-प्लेन कनेक्टिविटी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना के प्रावधान मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। मेडिकल टूरिज्म हब और ऑरेंज इकोनॉमी को मिलने वाला प्रोत्साहन प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अपार अवसर सृजित करेगा। यह बजट विकसित भारत 2047 के संकल्प के तहत विकास भी, विरासत भी के मूल मंत्र को चरितार्थ करता है।

धर्मेन्द्र लोधी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मप्र 


आयकर छूट की आस टूटी, एमएसएमई होंगे मजबूत: जैन 

केन्द्रीय बजट विकसित भारत के लिये महत्वपूर्ण बजट है और बड़े जोर-शोर से बजट की ब्रांडिंग की जा रही थी किन्तु आम आदमी को सीधा लाभ आयकर छूट से मिलता और उससे खरीद बढ़ती ताकि उद्योग और व्यापार में सीधा लाभ होता। प्रधानमंत्री के ‘स्वदेशी’ आव्हान के लिये कोई नई योजना आना चाहिये थी। जिससे स्वदेशी उत्पादों पर छूट एवं इन्सेंटिव मिलना चाहिये जो सीधे भारत के घरेलू उत्पाद को मजबूती देता और भारतीय उत्पादों के नये वैश्विक बाजार खोलने में सहायक सिद्ध होता। 10 हजार करोड़ के पैकेज से एमएसएमई सेक्टर मजबूत होगा और आसान ऋण उपलबध होगा। छोटे उद्योगों को और व्यापारियों को नई ऊंचाईया प्रदान करेगा। 

भूपेन्द्र जैन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, कैट


भोपाल जैसे शहरों में बढ़ेगा रोजगार, व्यापारी निराश : शर्मा 

बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए ऋण सुविधा बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश की घोषणा सकारात्मक कदम है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को कुछ गति मिल सकती है। वहीं लॉजिस्टिक्स, शहरी बुनियादी ढांचे और ट्रांसपोर्ट से जुड़े प्रावधानों से भोपाल जैसे शहरों में व्यापार और रोजगार के अवसर बढऩे की संभावना है। हालांकि व्यापारियों की प्रमुख मांग जीएसटी प्रक्रिया के वास्तविक सरलीकरण, अनावश्यक नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई से राहत को लेकर थी, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार के लिए समान नियमों के अभाव में स्थानीय व्यापारी लगातार प्रभावित हो रहे हैं। स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अलग प्रोत्साहन नीति और विशेष पैकेज का अभाव निराशाजनक रहा। 

धर्मेंद्र शर्मा , जिलाध्यक्ष, कैट, भोपाल 


व्यापारियों के लिए भरोसे और सुविधा का बजट: साहू 

केंद्रीय बजट 2026 में व्यापारियों और एमएसएमई वर्ग के लिए सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। बजट का प्रमुख फोकस ईज़ ऑफ डूइंग बिजऩेस, सस्ता और सुलभ ऋण, तथा व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर रहा है। जीएसटी कंप्लायंस को आसान करने, डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन देने और इन्फ्रास्ट्रक्चर व लॉजिस्टिक्स पर निवेश बढ़ाने से व्यापार लागत कम होने की उम्मीद है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों का भरोसा मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कुल मिलाकर, यह बजट व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि देश के आर्थिक विकास के साझेदार के रूप में देखने की सोच को दर्शाता है।

विवेक साहू , महामंत्री भोपाल किराना व्यापारी महासंघ 


महिलाओं और उद्यमियों के हित में केन्द्रीय बजट में कई प्रावधान हैं, जो सराहनीय हैं। महिलाओं के लिए 3 लाख करोड़ का बजट, किचन उपकरणों पर कर में छूट, एसटीईएम संस्थानों में लड़कियों के लिए छात्रावास, एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड और 2 हजार करोड़ का सेल्फ-रेलियंट इंडिया फंड जैसे कई निर्णय बहुत अच्छे हैं। करदाताओं के लिए टीसीएस कटौती 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाना, आयकर रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ाना और स्टार्टअप को टैक्स छूट जैसे निर्णय नव उममियों को प्रोत्साहित करेंगे। महिला उद्यमी को सस्ते लोन का उपहार स्वागत योग्य है। 

अंशु गुप्ता, अध्यक्ष, महिला उद्यमी संघ, मप्र 


मुख्यमंत्री ने इंदौर में सुना बजट भाषण 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में डॉक्टर्स, इंजीनियर, प्रोफेसर, उद्योगपति एवं युवा प्रोफेशनल के साथ केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का बजट भाषण सुना। उनके साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम अध्यक्ष सावन सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता ने केन्द्रीय वित्तमंत्री का बजट भाषण सुना। 


भाजपा कार्यालय में स्क्रीन पर सुना गया बजट भाषण 

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में रविवार को केंद्रीय बजट का लाइव प्रसारण देखा और सुना गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री विश्वास सारंग, श्रीमती कृष्णा गौर, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी, रघुनंदन शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने आमजन के साथ सामूहिक रूप से बजट भाषण सुना।