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गोविंद गोयल बने भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष, प्रगतिशील पैनल के तेजकुलपाल सिंह पाली को 193 मतों से किया पराजित
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भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए उन्नति पैनल के प्रत्याशी गोविंद गोयल ने प्रगतिसील पैनल के प्रत्याशी तेजकुलपाल सिंह पाली को 193 मतों से पराजित कर चुनाव जीत लिया। कुल 40 चक्रों की गिनती में गोयल को 1085 और पाली को 894 मत मिले, 13 मत निरस्त हुए।
उल्लेखनीय है कि भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव रविवार, 1 फरवरी को हुए थे। मतदान के बाद मतपेटियां पुलिस सुरक्षा में श्यामला हिल्स थाने में रखवाई गई थीं। थाने से पेटियां लाने में देरी होने के चलते मतगणना सोमवार को सुबह 8 बजे के स्थान पर दोपहर 11.20 बजे के बाद ही शुरू हो सकी। दोपहर 12 बजे तक मतपत्रों के बंडल बनना शुरू हुए। इसके बाद मतों की गिनती शुरू हुई। कुल 40 चरण की मतगणना में पाली शुरूआत से अंत तक गोयल से पीछे रहे।
दो हजार व्यापारियों ने डाले थे वोट
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव के लिए कुल 2236 मतदाता थे। रविवार को इनमें से कुल 2000 व्यापारी मतदाताओं ने मतदान किया था। इनमें 1917 व्यापारियों ने बूथ पर पहुंचकर प्रत्यक्ष रूप से मतदान किया। जबकि 44 व्यापारियों ने डाक से मतदान किया। 39 टेंडर वोट भी डाले गए। इस तरह कुल 2 हजार व्यपारियों ने मतदान किया। 236 मतदाता व्यापारियों ने प्रत्यक्ष अथवा डाक से भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
महामंत्री प्रगतिशील पैनल से, कोषाध्यक्ष उन्नति से
चैंबर अध्यक्ष की मतगणना पूरी होने के बाद देर रात तक चैंबर कार्यकारिणी के चुनाव की मतगणना हुई। चैंबर के महामंत्री पद पर पाली के प्रगतिशील पैनल के प्रत्याशी ललित तातेड़ विजयी रहे। जबकि कोषाध्यक्ष गोयल के उन्नति पैनल के प्रत्याशी प्रदीप सेवानी, विजयी रहे। वहीं सह कोषाध्यक्ष पद पर पाली के प्रगतिशील ग्रुप के गोपाल सोनी और अतिरिक्त कोषाध्यक्ष पद पर भी उन्हीं के पैनल के अजय गुप्ता (मुन्ना)विजयी रहे। तीनों उपाध्यक्ष एवं 21 कार्यकारिणी सदस्य पदों के लिए देर रात तक मतगणना जारी रही।
पाली के हटने के बाद बढ़े चैंबर के सदस्य!
पिछले साल अक्टूबर में तेजकुलपाल सिंह पाली के त्यागपत्र के बाद गोविंद गोयल के पुत्र आकाश गोयल चैंबर के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे। चैंबर से जुड़े सूत्र बताते हैं कि आकाश के कार्यकारी अध्यक्ष रहते करीब 3-4 सौ नए सदस्य चैंबर के सदस्य बने। इसका सीधा फायदा गोविंद गोयल को चुनाव में मिला। गोविंद गोयल के स्थान पर अध्यक्ष पद पर आकाश ही चुनाव लडऩा चाहते थे। उन्होंने फार्म भी भरा था, लेकिन पाली के फिर से चुनाव मैदान में आने के बाद आकाश का फार्म वापस कराकर डमी फार्म जमा करने वाले गोविंद खुद ही चुनाव मैदान में आ गए। प्रगति पैनल के प्रत्याशी आकाश रहते तो चुनाव और अधिक कांटे का हो सकता था।
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