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राजधानी

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आईएफएस विपिन पटेल ने दिया इस्तीफा, प्रशासनिक प्रताडऩा बताया जा रहा कारण

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भोपाल। जबलपुर में पदस्थ डीएफओ विपिन पटेल ने पद से इस्तीफा दे दिया है।   वह वर्ष 2013 बैच के अधिकारी हैं और कार्यआयोजना शाखा का जिम्मा संभाल रहे थे। लगभग 12 वर्षों की सेवा के बाद त्यागपत्र देने के बाद न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं बल्कि, महकमें में अधिकारियों के मन में व्याप्त असंतोष को भी उजागर कर दिया है।

      बता दें कि पटेल ने बुधवार शाम आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में अपना त्यागपत्र साझा किया। रीवा, दमोह, सतना और अनूपपुर में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए सहयोगियों का आभार जताते हुए सेवा से अलग होने की इच्छा जता दी है। इस्तीफे पर वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े का कहना है कि वास्तविक कारण जानने के लिए संबंधित सीसीएफ को विपिन पटेल से चर्चा करने को कहा गया है।

मनोज अग्रवाल से मतभेद भी बताया जा रहा कारण

इस इस्तीफे के पीछे कैम्पा एवं वर्किंग प्लान के प्रमुख मनोज अग्रवाल से मतभेद भी बड़ा कारण बताया जा रहा है। अनूपपुर में विनियर मशीन की स्थापना मामले में बतौर तत्कालीन पीसीसीएफ संरक्षण के द्वारा पदस्थ वन मंडल अधिकारी सामान्य विपिन पटेल को 6 अगस्त 2025 जारी स्पष्टीकरण पत्र भी इस्तीफे के बाद मीडिया में वायरल हुआ है।  जिसमें नियमों के उल्लंघन के आधार पर विनियर मशीन लगाने की अनुमति निरस्त करने पर जबाव चाहा गया है। 

विवादों में भी रहे हैं पटेल 

आईएफएस अधिकारी विपिन पटेल सतना, अनूपपुर में विवादित रहे थे। उनके विरुद्ध सागर लोकायुक्त पुलिस में भी शिकायत की गई थी। इसके साथ ही अनूपपुर डीएफओ रहने के दौरान जारी विवादित आदेश का प्रदेश भर में विरोध भी हुआ था। जिसमें उन्होंने वनकर्मियों को मिले उच्च पदभार को तत्काल निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी और इसके बाद आदेश निरस्त हुए। 

इस्तीफे में यह लिखा

4 फरवरी 2026 को भेजे इस्तीफे में पटेल ने कहा है कि उनका इस्तीफा कांपीटेंट अथॉरिटी को फॉरवर्ड करें और आईएफएस सेवा से उन्हें मुक्त किया जाए। पटेल ने इस्तीफे की कॉपी वन विभाग के सचिव को भी भेजी है। इसके पहले उन्होंने वर्तमान पदस्थापना के साथ पूर्व की पदस्थापनाओं का उल्लेख भी किया है।