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ज्यादती की एफआईआर में देरी पर थानेदार निलंबित, पुलिस उपायुक्त ने आदेश किया जारी, एसीपी ने की थी जांच

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भोपाल। पिपलानी में नाबालिग से ज्यादती की एफआईआर को दर्ज नहीं करने के आरोपों से घिरे थानेदार को निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय एसीपी की जांच के बाद डीसीपी जोन-2 ने लिया है। 

जानकारी के अनुसार पिपलानी थाना क्षेत्र में हुई घटना 2025 की है। जिसमें आरोप एसआई गोकुल प्रसाद पर लगे थे। इन्हीं आरोपों के चलते उनका पिपलानी से बागसेवनिया थाने में तबादला कर दिया गया था। पीडि़ता दो दिनों तक थाने के चक्कर काट रही थी। उस दौरान वह एसआई गोकुल प्रसाद से मिली थी। जिसके बाद थाने में प्रकरण से जुड़े आरोपी को उन्होंने बुलाया था। प्रकरण देरी से दर्ज करने और महिला संबंधित अपराध होने के बावजूद आला अधिकारियों को सूचित नहीं करने के आरोप एसआई गोकुल प्रसाद पर लगे थे। यह जांच एसीपी गोविंदपुरा अदिति भावसार की तरफ से की गई थी। जिसके बाद डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह को पूरा प्रकरण भेजा गया। उन्होंने भी अपने स्तर पर जांच करने और तथ्य में आए प्रमाणों को देखते हुए एसआई को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए गए। जिसके बाद एसआई गोकुल प्रसाद को बागसेवनिया थाने से भी रिलीव कर दिया गया। उनके पास मौजूद केस डायरी बागसेवनिया थाने के दूसरे अधिकारियों को अभी नहीं सौंपी गई है।