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‘डबल मनी’ घोटाले में ईडी ने पेश किया आरोप पत्र, पैसा डबल करने के नाम पर बालाघाट की जनता से की थी 1450 करोड़ की वसूली
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भोपाल। बालाघाट जिले में पैसा डबल करने के नाम पर जनता से 1450 करोड़ रुपये की उगाही करने वाले आरोपियों के विरुद्ध ईओडब्ल्यू ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में अभियोजन शिकायत दायर की है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने बालाघाट जिले में ‘डबल मनी’ घोटाले में आरोपी अजय तिडके एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष पीएमएलए न्यायालय, जबलपुर में एक अभियोजन शिकायत दायर की है। इसके बाद आरोपी व्यक्तियों को पूर्व-संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। ईडी ने बालाघाट जिले के लांजी और किरनापुर पुलिस स्टेशनों में दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की, जो अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध (बड्स) अधिनियम, 2019 की धारा 21(1) और 21(2) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता, 1860 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज की गई थीं।
छह महीने चलाई ‘डबल मनी’ योजना
ईडी की जांच में पता चला कि अजय तिडके सहित अन्य लोगों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लगभग छह महीने तक धोखाधड़ी वाली ‘डबल मनी’ योजना चलाई, जिसके दौरान आम जनता को गारंटीड रिटर्न का झूठा आश्वासन देकर कम समय में पैसे दोगुने करने का झूठा आश्वासन देकर निवेश कराया। सुरक्षा गारंटी के लिए पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए। इस तरह निवेशकों से लगभग 1,450 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे।
ईडी कर चुकी 4.48 करोड़ की कुर्की
जांच के दौरान ईडी, भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने दो अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर 2.98 करोड़ रुपये मूल्य की 25 अचल संपत्तियां और 1.50 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां कुर्क की हैं। इसके अलावा, सक्षम अधिकारियों ने भी केन्द्र सरकार से महेश तिडक़े, अजय तिडके, टिडके ब्रदर्स एसहित अन्य संबंधित संस्थाओं की संपत्तियों को जब्त करने का अग्रह किया गया है। इनके बैंक खातों में जमा राशि, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया था। अलग-अलग प्रावधानों के तहत 12.91 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हें। आरोपी के परिसर से बरामद 11.89 करोड़ रुपये की नकदी और 54 अचल संपत्तियां अधिग्रहित की गई हैं।
रेलवे के दिवंगत इंजीनियर की संपत्तियां कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल जोनल ऑफिस ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत स्व. वेद प्रकाश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी श्रीमती विभा श्रीवास्तव के 2 आवासीय फ्लैट और 22 चल संपत्तियां, जिनमें 1.58 करोड़ के सावधि जमा और बैंक बैलेंस को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। सीबीआई, एसीबी जबलपुर द्वारा स्व. वेदप्रकाश श्रीवास्तव, तत्कालीन डिवीजनल इंजीनियर, पश्चिमी रेलवे, राजकोट डिवीजन (गुजरात) और उनकी पत्नी श्रीमती विभा श्रीवास्तव के खिलाफ के विरुद्ध अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की। इस मामले में अपराध की कुल आय लगभग 1.66 करोड़ रुपये है।
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