Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
राजधानी

Image Alt Text

नागलवाड़ी किसान कैबिनेट में हुए ये महत्वपूर्ण निर्णय, देखें सरकार के प्रमुख निर्णय

राजधानी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मप्र मंत्रि-मंडल की बैठक सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में हुई। इस बैठक में कृषि विकास एवं किसान हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। देखें कैबिनेट में हुए प्रमुख निर्णय- 

- किसान कल्याण से संबंधित 6 महत्वपूर्ण विभागों की 16 योजनाओं में अलग-अलग निर्णय लिए।

- किसान कल्याण के लिए सरकार खर्च करेगी 27 हज़ार 746 करोड़ की राशि

- बैठक में कृषि का एक, उद्यानिकी के तीन, पशुपालन के 4, मछुआ कल्याण के दो, सहकारिता के 4 और नर्मदा घाटी विकास विभाग के दो प्रस्ताव शामिल किए गए। 

- नर्मदा घाटी विभाग के अंतर्गत बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत। इसमें तहसील के 33 गांव की 15500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। जिसकी लागत लगभग 861 करोड़ होगी। 

- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 3 हजार 502.48 करोड़ की राशि खर्च होगी। 

- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाए जिसमें 4263.94 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी।

- पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं में 9508 करोड़ की खर्च होगी।

- मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं में 218.50 करोड़ की राशि खर्च होगी। 

- सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं में 8186 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। 

- नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से 2067.97 करोड़ की राशि खर्च होगी।

किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री 

किसान कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। अपने किसान भाइयों को समृद्ध बनाकर राज्य को हम प्रगति के पथ पर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़वानी को हम पर्यटन का केंद्र बनाने वाले हैं। भविष्य में ऐसे और कई अन्य कामों की भी मंजूरी दी जाएगी। बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा। इसमें लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है।बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बना रहे हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले इसके लिए हम 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।