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अवैध कमाई बंद होते ही वसूली से ज्यादा वेतन ले गए अधिकारी

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नाममात्र की राजस्व वसूली, अवैध कमाई में जुटा रहा मप्र परिवहन विभाग का मैदानी अमला

भोपाल। पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त सहित दो केन्द्रीय एजेंसियों के छापों के बाद चर्चाओं में आया मध्यप्रदेश परिवहन विभाग का मैदानी अमला हर महीने करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करता रहा, वहीं शासन हित में राजस्व वसूली के प्रति पूरी तरह उदासीन बना रहा। राजमार्गों पर चेकपोस्ट (अब चेकपॉइंट) पर शमन शुल्क के रूप में वसूली गई राशि का राशि का आंकड़ा बताता है कि चेकपोस्टों पर नियम विरुद्ध संचालित वाहनों से जितना राजस्व वसूला गया, उससे कई गुना अधिक यहां अवैध वसूली हुई। 

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके दोनों साथियों से पूछताछ के बाद लोकायुक्त पुलिस ने अब परिवहन विभाग के मैदानी अमले से अवैध वसूली के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है। इस पूछताछ में परिवहन विभाग की हर महीने की करोड़ों की वसूली की परतें एक-एक कर खुल रही हैं। वहीं विभाग के वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 45 जिलों में इस मैदानी अमले द्वारा शमन शुल्क के रूप में वसूली का आंकड़ा बताता है कि अधिकारी कर्मचारियों ने राजस्व वसूली में कभी रुचि नहीं ली। जबकि जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री के आदेश पर चेकपोस्ट बंद होने के बाद कई जिलों में राजस्व वसूली से कहीं अधिक इस वसूली अमले को वेतन के रूप में बांट दिया गया। 

अवैध वसूली की परतें खोल रहे आरक्षक-टीएसआई! 

लोकायुक्त पुलिस ने विगत 1 मई को सौरभ के खास राजदार विभाग के दो आरक्षकों गौरव पाराशर और हेमंत जाटव से पूछताछ की गई। इसके बाद विभाग के कुछ आरटीआई, टीएसआई और आरक्षकों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि अलग-अलग पूछताछ में विभाग के इन कर्मचारियों ने खुद को बचाने की कोशिश जरूर की है, लेकिन अवैध वसूली सिस्टम की परतें लोकायुक्त के सामने जरूर खोली हैं। इसमें सौरभ के साथ-साथ सौरभ के उन संरक्षकों के नाम भी खोले हैं, जिनके पास वसूली का पैसा जाता था। 

3 प्रमुख जिलों में वर्षवार शमन शुल्क वसूली  

शहर            वित्तीय वर्ष शमन शुल्क 

ग्वालियर     2021-22 41,94,000

                    2022-23 46,78,500

            2023-24 68,53,000

(फरवरी तक)    2024-25 23,97,900

इंदौर               2021-22 6,95,000

            2022-23 2,83,000

            2023-24 1,77,000

(फरवरी तक)  2024-25 5,89,000

रीवा             2021-22 97,62,800

            2022-23 68,27,000

            2023-24 38,04,000

(फरवरी तक)  2024-25 11,49,000 

भोपाल     2021-22 1,69,000

            2022-23 1500

            2023-24 0000000

(फरवरी तक)  2024-25 1,92,000

44 जिले, 4 साल में कुल 17.36 करोड़ वसूली 

इंदौर                 17,21,000

बड़वानी         5,15,50,500

सीहोर         1,14,500

शिवपुरी         1,81,23,400

श्योपुर         1,22,300

आगर-मालवा 1,90,000

रीवा                 2,15,42,800

दमोह         8,64,500

सीहोर         1,14,500

छतरपुर         8,39,000

बुरहानपुर         8,46,000

नीमच         31,000

मंदसौर         1,80,000

ग्वालियर         8,39,000

अशोक नगर 3,50,200

अलीराजपुर 19,63,500

सीधी                 2,51,700

झाबुआ         4,44,06,200

रायसेन         58,61,000

रतलाम         82,100

सिवनी         3,94,500

मंडला         6,72,480

अनूपपुर         1,49,500

मंडला         6,72,480

सिंगरौली         8,09,000

विदिशा         3,86,000

बैतूल                 15,000

छिंदवाड़ा         8,56,000

टीकमगढ़         0000000

शहडोल         2,65,500

खरगोन         11,46,426

गुना                 4,29,210

देवास         6,04,500

कटनी         7,91,700

दतिया         8,46,000

नर्मदापुरम         9,52,500

भोपाल         3,62,500

नरसिंहपुर         28,35,000

सतना         4,63,900

नर्मदापुरम         9,52,500

कटनी         7,91,700

खंडवा         4,88,500

अनूपपुर         1,49,500

हरदा                 83,62,697

कुल                 17,36,90293