मध्यप्रदेश

Image Alt Text

अनफिट वाहनों को पकडऩे शुरू हुआ प्रदेशव्यापी अभियान

मध्यप्रदेश


मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संभागीय आयुक्त ने दिए निर्देश

भोपाल। अनफिट और अवैध रूप से संचालित स्कूल बस से राजधानी भोपाल में हुई दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नियम विरुद्ध और फिटनेस के बिना संचालित यात्री एवं स्कूल बसों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में भोपाल संभागीय आयुक्त संजीव सिंह द्वारा सोमवार की ही शाम भोपाल आरटीओ जितेन्द्र शर्मा के निलंबन के साथ-साथ संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर भोपाल सहित अन्य जिलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए। 

सडक़ों पर दौड़ते अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों में अभियान मंगलवार से शुरू हो चुका है। इस अभियान में यात्री, स्कूल-कॉलेज की बसों की फिटनेस सहित अन्य कमियों की जांच की जाएगी। अभियान में पुलिस और परिवहन विभाग का दस्ता संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा। 

इन प्रमुख बिन्दुओं पर होगी वाहनों की जांच 

- वाहनों गति नियंत्रक नहीं होने पर कार्रवाई होगी। 

- सभी यात्री बसों में सभी व्हीकल ट्रेकिंग लोकेशन डिवाइस (वीएलटीडी) आवश्यक रूप से लगा हो। 

- शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस के अलावा सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन अनिवार्य रूप से लगे हो। 

- वीएलटीडी का परिवहन विभाग के सेन्ट्रल सर्वर से एन्टीग्रेशन हो और वाहन में परिवहन किए जाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ सम्बंधित शैक्षणिक संस्था को इसका ऐक्सेस दिया जाना जरूरी है। 

- सभी वाहनों में प्रथम उपचार पेटी (फस्र्ट एड बॉक्स) अनिवार्य रूप से रखा जाए। 

- एक अक्टूबर 2023 के बाद निर्मित शैक्षणिक वाहनों में फायर अलार्म एण्ड प्रोटक्शन सिस्टम एवं इससे पूर्व के वाहनों में भी उचित मात्रा का अग्निशमन यंत्र लगा होना चाहिए। 

- वाहनों की खिड़कियों पर काले कांच या परदे नहीं लगे हों,  वाहनों के अंदर की गतिविधि सदैव वाहन के बाहर से स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए। 

-  वाहन के साथ वैध बीमा प्रमाण-पत्र, फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट होना अनिवार्य है। 

- यदि वाहन फिटनेस प्रमाण-पत्र होने के उपरांत अनफिट पाई जाती है तो फिटनेस जारीकर्ता अधिकारी/ एटीएस के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

- वाहन चालक व परिचालक के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए। 

- बस के सभी प्रकार के कर (टैक्स) पूर्ण रूप से जमा होना चाहिए। 

- बस के विरुद्ध पूर्व के चालान की जानकारी भी आवश्यक रूप से ली जाए। 

- बस में क्षमता से अधिक यात्री न हो। निर्धारित मात्रा से अधिक माल का परिवहन यात्री बसों न हो। ऐसा मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।