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400 करोड़ का लक्ष्य, साढ़े 11 महीने में 264 करोड़ की राजस्व वसूल सका भोपाल निगम, टारगेट पूरा करने 10 दिन में वसूलना होगा 136 करोड़ वसूली
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भोपाल। भोपाल नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली के लिए 400 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला है। निगम विगत 11 महीने 20 दिन में कुल 264 करोड़ राजस्व ही वसूल सका है। मार्च महीने में कुल 10 दिन शेष हैं। टार्गेट पूरा करने के लिए इन 10 दिनों में निगम अधिकारियों को अभी 136 करोड़ की वसूली करनी है।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम को संपत्तिकर, जलकर, भवन अनुमति, होर्डिंग, पार्किंग, मनोरंजन कर, सफाई कर, कचरा कर आदि मदों से राजस्व मिलता है।वित्तीय वर्ष के अंतिम मार्च माह में राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक वार्ड में दो-दो कर्मचारियों को घर-घर भेजा जा रहा है। बकाया कर वसूली के लिए लोगों को जानकारी दी जा रही है साथ ही बड़े बकायादारों पर भी निगम कुर्की और नीलामी की कार्रवाई कर रहा है।
वसूली बढ़ाने निगमायुक्त ने बदली व्यवस्था
निगमायुक्त संस्कृति जैन ने राजस्व वसूली के काम से क्षेत्रीय अधिकारियों (जेडओ) और वार्ड प्रभारियों को अलग कर विधानसभा स्तर पर राजस्व अधिकारी तैनात किए हैं। यह परिवर्तन क्षेत्रीय अधिकारियों और वार्ड प्रभारियों की मिलीभगत से राजस्व चोरी एवं काम के प्रति उदासीनता तथा लापरवाही के कारण किया गया। इस बड़े बदलाव के बाद निगम के वर्षों पुराने बड़े कई बकायादारों ने निगम कार्यालय पहुंचकर शेष संपत्तिकर जमा कराया है।
इधर छूट का लाभ, उधर तालाबंदी
वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति पर मार्च महीने में नगर निगम ने संपत्तिकर वसूली के लिए बकायादारों को अधिवार छूट जैसे ऑफर दे रहा है तो वहीं बड़े और पुराने बकायादारों पर सख्ती भी की जा रही है। विशेष वसूली शिविरों और लोक अदालत के माध्यम से संपत्तिकर बकायादारों को अधिभार में विशेष छूट का लाभ दिया जा रहा है। वहीं बड़े बकायादारों के घर-दुकानों पर तालाबंदी, कुर्की और नीलामी जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। 31 मार्च से पहले विभागीय राजस्व वसूली लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नगर निगम के अधिकारी पूरा जोर लगाए हैं।
मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल पर सख्ती
निगमायुक्त ने लम्बे समय से टैक् एवं अन्य शुल्क जमा नहीं करने वाले मैरिज गार्डन संचालकों ने को सीधे सील किए जाने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि जिन मैरिज हॉल, होटल या बैंक्वेट हॉल में 50 से अधिक लोगों का आयोजन होता है, उनके लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस संचालित संस्थानों की पहचान कर तुरंत नोटिस थमाने के निर्देश भी दिए थे।
‘नगर निगम ने अब तक लक्ष्य का 60 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। निगमायुक्त द्वारा जेडओ और वार्ड प्रभारी से हटाकर आरओ को प्रभार सौंपे जाने से राजस्व में तेजी से बढोत्तरी हुई है। माह अंत तक राजस्व लक्ष्य से आगे निकल जाएंगे।’
जगदीश यादव, एमआईसी, सदस्य (राजस्व प्रभारी), नगर निगम, भोपाल
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