मध्यप्रदेश

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दो आईएएस सहित 4 अधिकारियों को 2-2 महीने का कारावास, वॉर्डबॉय नियमितीकरण के संबंध में हुई न्यायालय की अवमानना

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भोपाल। मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्वास्थ्य विभाग के चार वरिष्ठ अधिकारियों को न्यायालय की अवमानना का दोषी मानते हुए दो-दो माह के कारावास की सजा सुनाई है। जस्टिस प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने यह आदेश स्वास्थ्य विभाग के एक वार्डबॉय के नियमितीकरण संबंधी मामले में पूर्व में पारित आदेश का पालन न करने पर दिया है।

अवमानना याचिका में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य विभाग, मप्र शासन, आयुक्त स्वास्थ्य विभाग, संयुक्त आयुक्त स्वास्थ्य विभाग तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मंदसौर को पक्षकार बनाया गया था। न्यायालय ने पाया कि इन अधिकारियों ने पूर्व आदेश का पालन नहीं किया, जो अवमानना की श्रेणी में आता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रसन्ना आर. भटनागर ने पैरवी की।

इन अधिकारियों को सुनाई सजा 

सेवानिवृत्त आईएएस और स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, स्वास्थ्य आयुक्त 2010 बैच के आईएएस तरुण राठी, उज्जैन स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन संयुक्त संचालक डॉ. डीके तिवारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मंदसौर गोविंद चौहान को न्यायालय ने दो-दो माह की सजा सुनाई है। 

22वीं बार सुनवाई के बाद भी आदेश का पालन नहीं

याचिकाकर्ता अशोक कुमार पेडियार की याचिका पर जस्टिस प्रणय वर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि याचिका को 22वीं बार सूचीबद्ध किया गया है और अभी तक आदेश का पालन नहीं किया गया है। न्यायालय ने 6 फरवरी को अनिवार्य आदेश भी दिया था। इसके चलते उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया जाता है। इसमें प्रतिवादियों को दो महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई जाती है। हालांकि, इस आदेश को तीन सप्ताह की अवधि के लिए स्थगित रखा जाएगा।