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मध्यप्रदेश

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मप्र उच्च न्यायालय से सोम डिस्टिलरीज को झटका, सभी 8 लाइसेंस निरस्त, आबकारी आयुक्त की कार्रवाई को माना सही

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भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड के पूर्व आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा की गई लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई को उचित माना है। जहरीली शराब सप्लाई और फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट बनाकर टैक्स चोरी मामले में आबकारी आयुक्त की इस कार्रवाई को उचित बताते हुए न्यायालय ने सोम की ओर से लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया। 

उल्लेखनीय है कि ढाई साल पुराने मामले में सोम डिस्टलरीज की दो असवनियों से नकली शराब और फर्जी परमिट पर शराब परिवहन के मामले में पिछले महीने आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने दो इकाईयों के सभी लायसेंस निलंबित कर दिए थे। लायसेंस बहाली को लेकर सोम डिस्टलरीज की ओर से मप्र उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी। याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने 32 पेज में अपना निर्णय सुनाया। 

आबकारी आयुक्त द्वारा लायसेंस निलंबित करने का निर्णय सही 

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एडिशनल एडवोकेट जनरल हरप्रीत रूपराह ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने सोम डिस्टिलरीज और ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड और सरकार के बीच चल रहे न्यायालयीन मामले में फैसला देते हुए कहा है कि सोम डिस्टिलरीज पर सरकार की ओर से जो कार्रवाई की गई वह सही है। सोम डिस्टिलरीज के आबकारी से जुड़े 8 लाइसेंस निलंबित कर दिये हैं। न्यायालय ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करना गलत है।  

इस टिप्पणी के साथ खारिज की याचिका 

सोम की ओर से अलग-अलग न्यायालयों के फैसलों का उल्लेख करते हुए अभिभाषकों ने राहत की मांग की। लेकिन न्यायालय ने सभी तर्कों को खारिज करत ेहुए कहा कि ‘विदेशी शराब के परिवहन के लिए जाली परमिटों का उपयोग करके की गई धोखाधड़ी के संदर्भ में, प्रतिवादियों के विवादित कार्यों को जब आनुपातिकता के सिद्धांत की कसौटी पर परखा जाता है, तो उनमें कोई दोष नहीं पाया जा सकता।’ इस टिप्पणी के साथ न्यायालय ने सोम डिस्टलरीज की ओर से लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया। 

मदिरा सप्लाई के ठेके नहीं ले सकेगी सोम 

वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर के 55 जिलों की फुटकर दुकानों को मदिरा सप्लाई के ठेके की प्रक्रिया में सोम डिस्टलरीज हिस्सा नहीं ले सकेगी। हालांकि आबकारी विभाग ने निविदा की तारीख 24 मार्च से बढ़ाकर 28 मार्च कर दी है। इससे पहले भी निविदा की तारीख को 13 मार्च से बढ़ाकर 24 मार्च किया था।