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राजधानी

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लोकतंत्र में युवा विधायकों की भूमिका पर हुआ मंथन, राजनीतिक क्षेत्र में अपनी भूमिका तय करें युवा विधायक: तिवारी 

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के शुभारंभ के साथ ही ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने हेतु युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर मंथन हुआ। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. विजय मनोहर तिवारी ने अपने संबोधन में युवा विधायकों को राजनीतिक जीवन में उनकी राजनीतिक भूमिका तय करने की समझाइश दी। 

कुलगुरू श्री तिवारी ने कहा कि 3-4 लाख में एक विधायक चुनकर आता है। भूलें नहीं कि आपसे अधिक योग्य, संघर्षशील, निष्ठावान होते हुए भी दूसरे चुनकर नहीं आते। ईश्वर आपसे कुछ कराना चाहता है, इसलिए आपको चुनकर भेजा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य प्राप्ति नहीं, यात्रा का शुभारंभ है। 

पद्मश्री से सम्मानित महाराष्ट्र के पोपटराव पवार, बैतूल के मोहन नागर, झाबुआ के महेश शर्मा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में इस तरह के आदर्श लोगों को खोजें, उन्हें जिम्मेदारी सौंपें। अपने अधिकारों का उपयोग कर क्षेत्र के लिए आदर्श परियोजना ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि ध्यान रखें हम हजारों आंखों से देखे जा रहे हैं। जनता आपसे अपेक्षा करती है। 

10 मिनट में युवा विधायकों ने रखी बात 

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के बाद तीनों राज्यों के युवा विधायकों को ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने हेतु युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर विचार रखने हेतु आमंत्रित किया। सभी युवा विधायकों को 10-10 मिनट में अपनी बात रखी। हालांकि अधिकांश विधायकों ने विषय से हटकर भाषण का अधिकांश समय अपनी कार्यशैली और संस्मरणों पर केन्द्रित रखा। इस सत्र की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने की। इस दौरान तीनों विधानसभाओं के प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहे। 

सम्मेलन में इन विधायकों ने रखे विचार 

श्रीमती दीप्ती महेश्वरी, राजस्थान, श्रीमती हर्षिता बघेल, छत्तीसगढ़ एवं मप्र के जयवर्धन सिंह, (राघोगढ़), श्रीमती प्रियंका पैंची (चाचौड़ा), श्रीमती मंजू दादू (नेपानगर) हेमंत कटारे (अटेर) सहित तीनों राज्यों के कई विधायकों ने ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने हेतु युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखे।  

समापन आज, राज्यसभा के उप सभापति होंगे शामिल 

युवा विधायक सम्मेलन के दूसरे दिन 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047- युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। सत्र में एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड का संबोधन होगा। समापन समारोह में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह उपस्थित रहेंगे।

लोकतंत्र में स्वयं की भूमिका पर क्या बोले विधायक 

युवा विधायक सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे मप्र, राजस्थान छत्तीसगढ़ के विधायकों से ‘स्वदेश’ ने इस सम्मेलन की सार्थकता और चर्चा के दोनों विषयों पर सवाल किए, जिस पर विधायकों ने अलग-अलग जवाब दिए। 

फोटो--- उमेश मीणा 

भ्रष्ट अफसरशाही पर अंकुश जरूरी: मीणा

राजस्थान के आसपुर विधानसभा क्षेत्र  से भारत अदिवासी पार्टी के विधायक उमेश मीणा ने कहा कि नेता नहीं, अधिकारी अधिक भ्रष्ट हैं। ग्राम पंचायत सचिव से लेकर मुख्य सचिव तक भ्रष्ट अफसरशाही है। हर जगह कमीशन की बात होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के निर्माण के एक काम में उनके द्वारा कमीशन पर अंकुश के बाद वह काम ही नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से अगर लोकतंत्र की मजबूती और भ्रष्टाचार पर रोक का कोई मार्ग मिलेगा तो जरूर यह सार्थक होगा। 

फोटो--- मोंटू सोलंकी

विचारों के आदान-प्रदान से खुलेंगे नए रास्ते:सोलंकी 

मप्र की सेंधवा विधानसभा सीट से विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि युवा विधायक सम्मेलन में मप्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधायक अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे। विचारों के इस आदान-प्रदान से विकास और संभावनाओं के नए रास्ते खुलेंगे। कई ऐसे नवाचार या काम जो दूसरे राज्यों में हुए हैं, मप्र वंचित रहा है तो उन्हें हम भी अपना सकेंगे। हालांकि आज तकनीकी युग है, इसके बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। शिक्षा, रोजगार, संसाधनों की उपलब्धता करानी होगी। निश्चित ही सम्मेलन से निकले विचारों के सार से देश और प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। 

फोटो--- जयवर्धन सिंह

युवा विधायकों की चर्चा का यह सार्थक मंच: जयवर्धन 

मप्र के राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि युवा विधायक सम्मेलन युवा विधायकों की चर्चा का सार्थक मंच है, यह अच्छी पहल है। विधायकों के अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए उन्हें दी जा रही अपर्याप्त राशि को लेकर मैंने बात रखी। साथ ही विधानसभा में विधेयक लाने से पहले उस पर चर्चा नहीं कराई जाती है, विधायकों को इसका अवसर देने की बात भी कही। 

अंतिम पंक्ति के उत्थान से ही बनेगा विकसित भारत: अलावा

मप्र की मनावर विधानसभा से विधायक हीरालाल अलावा ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना अच्छा है, लेकिन यह तभी साकार हो सकेगा, जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का सशक्तिकरण होगा। किसान की आय, युवा को रोजगार, अजा/अजजा उत्थान, नारी सशक्तिकरण के लिए जमीनी स्तर पर काम करना होगा। सदन में विधेयकों, मांगों पर चर्चा नहीं कराई जाती।लोकतंत्र में पारदर्शिता जरूरी है। 

फोटो--इंदिरा मीणा 

युवा सोच पर चर्चा तभी सम्मेलन सार्थक: इंदिरा  

राजस्थान की बमनवास सीट से कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा ने कहा कि सम्मेलन में ज्यादातर युवा विधायक स्वयं की उपलब्धि और पार्टी नेतृत्व की प्रशंसा कर रहे हैं। विधायक युवा सोच, नवाचारों पर चर्चा करें, तभी इस सम्मेलन की सार्थकता होगी। सम्मेलन में राजनीतिक के तौर-तरीके, युवाओं की भागीदारी पर चर्चा जरूरी है। मेरा नंबर आएगा तो इन विषयों पर अपनी बात रखूंगी।