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भारत ने 66 साल देरी से देखा विकसित राष्ट्र का सपना, युवा विधायकों के समापन सत्र में बोले राज्यसभा के उप सभापति हरवंश सिंह
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भोपाल। चीन जैसा देश हमारे साथ ही आजाद हुआ। लेकिन उन्होंने 50 साल पहले खुद को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा। आज वह विकसित राष्ट्र है और हमने कहीं आने है। भारत ने यह सपना 2014 में और आजादी के 66 साल बाद देखा। सपना देखने में यह देरी सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की विफलता थी। लेकिन 2047 के लक्ष्य के साथ आज भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। यह बात राज्यसभा के उप सभापति हरवंश नारायण सिंह ने मंगलवार को मप्र विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड, मंत्री प्रहलाद पटेल, विधायक सीताशरण शर्मा, अजय विश्नोई एवं महापौर मालती राय सहित तीनों राज्यों के युवा विधायक उपस्थित रहे।
हरवंश सिंह ने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने की बात कही, उस समय देश में अविश्वास का भाव था। लेकिन आज गांव-गांव में विकसित भारत बनाने के संकल्प पर चर्चा हो रही है। पहले जब मानस बदलता है, तब हम संकल्प पैदा करते हैं। 2014 के पहले देश की अर्थव्यवस्था वेंटीलेटर पर थी,हम आर्थिक कंगाली के दरवाजे पर बैठे थे। सीमा पर हमारे जवानों की गर्दन काट दी जाती थी। आज लोकतांत्रिक व्यवस्था में भारत सबसे तेजी विकास करने वाला राष्ट्र है। यह स्थिति सामूहिक संकल्प का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब हम एक है, तब देश है। हमें एकजुट होकर तैयार रहना है।
अध्ययन की सीमा बढ़ाएं युवा विधायक: तोमर
समापन सत्र में संबोधित करते हुए मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने सत्र के दौरान सभी विधायकों द्वारा उठाए गए विषयों का उल्लेख करते हुए अनुशासन के लिए सभी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को अध्ययन की सीमा बढ़ानी होगी, कम समय मे विषय के अलावा दूसरी चीतों में उलझ जाते हैं। विषय का अध्ययन करें ओर खुद को विषय की व्याख्या से जोड़ें । श्री तोमर ने कहा कि जब हम खुद को मास्टर समझने लगते हैं तो गड़बड़ी में पड़ जाते हैं। सीखने की परंपरा चलती रहती है। विद्यार्थी भाव से परिपूर्णता आती है।
दूसरे दिन इन विधायकों ने रखे विचार
युवा विधायकों के सम्मेलन में पहले दिन सोमवार को ‘लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने हेतु युवा विधायकों की भागीदारी’ एवं ‘विकसित भारत 2047-युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषयों पर करीब 30 विधायकों ने अपने विचार रखे थे। जबकि दूसरे दिन भी इन विषयों पर छह विधायकों ने अपने विचार रखे। इनमें राजस्थान की धरियावद विधानसभा से थावर चंद, मप्र की मलहरा विधानसभा से रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ की प्रतापपुर विधानसभा से शकुंतला सिंह पोर्ते, छत्तीसगढ़ की सराईपाली विधानसभा से श्रीमती चतुरी नंद और जबलपुर उत्तर विधानसभा से अभिलाष पाण्डेय ने अपने विचार रखे।
स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ सके रमन सिंह
युवा विधायकों के सम्मेलन में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को भी शामिल होना था, लेकिन वे नहीं आ सक। मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिहं तोमर ने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे नहीं आ सके। वे आते तो युवा विधायकों को उनका अनुभवपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त होता।
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