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2027 की दिवाली से पहले निपटाएं सिंहस्थ के सभी काम, सिंहस्थ के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति की 5वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश
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भोपाल। सिंहस्थ: 2028 के लिए प्रस्तावित सभी काम वर्ष 2027 की दीपावली तक आवश्यक रूप से पूरे कर लिए जाएं। सिंहस्थ के सफल संचालन, विकास कार्यों की निगरानी और समीक्षा तथा सूचना शिक्षा-संचार गतिविधियों के लिए आवश्यक अधिकारियों-कर्मचारियों की संबंधित विभागों से तत्काल पूर्ति की जाए। इस तरह के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में सिंहस्थ-2028 के आयोजन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति की 5वी बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री मंडलीय समिति की आगामी बैठक उज्जैन में की जाए। समिति ने 2 हजार 923 करोड़ 84 लाख रुपए राशि के 22 कामों को स्वीकृति भी दी। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ला उपस्थित रहे।
गुणवत्ता और वित्तीय प्रबंधन का हो थर्ड पार्टी ऑडिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट आवश्यक रूप से कराया जाए।उज्जैन के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले भवनों का निर्माण इस प्रकार किया जाए जिससे वे सिंहस्थ के बाद होने वाले वार्षिक आयोजनों के लिए भी उपयोगी हों। इसी प्रकार सडक़ों का निर्माण इस प्रकार किया जाए जिससे महाकाल लोक के अतिरिक्त उज्जैन के अन्य प्रमुख तीर्थों तक आवागमन अधिक सुगम हो सके। दूरदराज से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से उज्जैन के 100 कि.मी. रेडियस में होम-स्टे, पार्किंग, जन सुविधाएं विकसित करने को प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ के समस्त प्रबंधन में स्थानीय संस्थाओं के सहयोग और जनसहभागिता को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी पर पैदल तीर्थ यात्रियों के लिए पृथक से पुल बनाने तथा अलग-अलग स्थानों पर सडक़ चौड़ीकरण सहित अन्य कामों के निर्देश भी दिए।
कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर निर्माण को स्वीकृति
समिति ने 139.14 करोड़ रुपये से बनने वाले इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के निर्माण को स्वीकृति दी। यहां से सीसीटीवी, ड्रोन, डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से मेले की गतिविधियों की हर समय निगरानी होगी। एआई आधारित भीड़ प्रबंधन, मोबाइल ऐप के माध्यम से मार्ग, पार्किंग और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सायबर सुरक्षा, कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति और स्वच्छता पर भी यह केंद्र नजर रखेगा। बैठक में लगभग 30 करोड़ लागत से मेला नियंत्रण कक्ष, मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब देवास गेट बस स्टैंड, इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांसिट हब से लेकर उज्जैन रेल्वे स्टेशन तक स्काईवॉक निर्माण, सर्किट हाउस निर्माण, मेला क्षेत्र में स्थाई अधोसंरचना निर्माण सहित अन्य कामों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, उदय प्रताप, तुलसी सिलावट, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न तोमर, चैतन्य काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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