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बाल विवाह हुआ तो हलवाई और काजी-पंडितजी भी बनेंगे आरोपी, सख्ती से कार्रवाई करेगा प्रशासन
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भोपाल। 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहे विवाह समारोहों और 20 अप्रैल को अक्षय तृतिया पर सामूहिक विवाहों में बाल-विवाह पर नजर रखने और रोकने के लिए भोपाल जिला प्रशासन टीमें तो गठित करेगा ही। विवाह आयोजन समितियों से इस संबंध में शपथ पत्र भी लेगा कि वे बाल-विवाह नहीं कराएंगे। प्रशासनिक टीम को कहीं बाल विवाह होता मिलता है तो इसमें आयोजनकर्ता ही नहीं, विवाह के लिए आमंत्रण पत्र भेजने वाली प्रेस का मालिक, हलवाई, कैटर्स, धर्मगुरू अर्थात विवाह कराने वाले पंडितजी या काजी, समाज के मुखिया, बैंड और घोड़ी वाले एवं विवाह में वाहन किराए पर देने वाले भी आरोपी बनेंगे।
जिला प्रशासन की ओर से सामूहिक विवाह कराने वाले आयोजकों से आग्रह किया है कि वे बाल विवाह नहीं करेंगें एवं इस संबंध में शपथ पत्र कलेक्टर कार्यालय एवं महिला एवं बाल विकास जिला कार्यालय भोपाल में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा विवाह में संसाधन एवं सहयोग करने वालों से भी आयु संबंधी प्रमाण-पत्र देख कर ही अपनी सेवाएं देने का आग्रह किया है। अन्यथा वे भी बाल विवाह के सहयोगी माने जाऐंगे। प्रिटिंग प्रेस विवाह पत्रिका छापने वालों से अपील है कि वे विवाह पत्रिका में स्पष्ट उल्लेख करें कि वर-वधू बालिग है।
प्रशासन ने आमजन से की सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी आग्रह किया है कि बाल विवाह दिखे तो वे प्रशासन को सूचना दें। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अपने संदेश में कहा है कि किसी भी स्थिति में बाल विवाह होने की आशंका न हो यह प्रशासन के द्वारा सामुदायिक सहयोग से ही संभव हैं। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है। समाज में इस कुप्रथा का स्वरूप बहुत ही भयावह है। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत बाल विवाह रोकथाम के लिए ‘लाडो अभियान’ नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए बाल विवाह रोकथाम अधिनियम की धाराओं एवं 13 बाल विवाह कराने, सहयोग देने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों, संस्था, संगठन के लिए दो वर्ष तक कारावास अथवा एक लाख रूपए का जुर्माना या दोनों का प्रावधान हैं।
कंट्रोल रूम में दे सकते हैं सूचना
प्रशासन ने आमजन से आग्रह किया है कि उनके क्षेत्र में बाल विवाह होता है तो कंट्रोल रूम महिला एवं बाल विकास मोबाइल नम्बर-8696389007, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास परियोजना बरखेड़ी, परियोजना जे.पी. नगर, परियोजना चाँदबड़, परियोजना मोतिया पार्क, परियोजना कोलार, परियोजना बाणगंगा, परियोजना फंदा, परियोजना बैरसिया-1, परियोजना बैरसिया-2, महिला एवं बाल विकास, जिला कार्यालय, पुलिस हेल्प लाईन नंबर 112, चाईल्ड हेल्प लाईन नंबर-1098, महिला हेल्प लाईन नंबर-181 पर सूचना दें।
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