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मध्यप्रदेश

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Tsi से मारपीट मामला:आरोपियों को हाउस से नहीं मिला सपोर्ट! बदमाशों से निपटने सिकंदरा पर मिली सबसे बड़ी युवा और फुर्तीली टीम

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भोपाल/शिवपुरी। (Hidden सूत्र)परिवहन विभाग के सिकंदरा (शिवपुरी) चेक पॉइंट पर तीन दिन पहले महिला परिवहन उप-निरीक्षक (tsi) के साथ हुई मारपीट, छेड़छाड़, डकैती और शासकीय कार्य में बाधा के मामले में आरोपियों को सीएम हाउस अथवा cm से किसी तरह का सपोर्ट नहीं मिला है बल्कि उन बदमाशों से सख्ती से निपटने के निर्देश मिले है। आरोपियों को भरोसा था कि सीएम के सजातीय होने का लाभ उन्हें मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि एक सजातीय व्यक्ति के माध्यम से आरोपियों ने शिफारिश CM तक पहुंचाई थी, लेकिन इससे पहले ही इंटेलिजेंस के माध्यम से घटना हाउस पहुंच चुकी थी। फिलहाल पुलिस आधे आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। मुख्य आरोपी सहित शेष छुपते भाग रहे हैं और पुलिस को उनके उत्तर प्रदेश के झांसी में छुपे होने के इनपुट भी मिले हैं।


उधर मारपीट के घटना के बाद विभाग ने आरोपियों पर fir तो कराई ही, आगे भी ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है। चेक पॉइंट पर पहुंचकर शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों पर तुरंत fir करने की छूट दी गईं है। सिकंदरा चेक पॉइंट पर ठोस और निर्णायक कार्रवाई के उद्देश्य से मुख्यालय ग्वालियर में अटैक tsi रवि मिश्रा के साथ आठ उन आरक्षकों की भी नियुक्ति की है जो हर हाल में हालात संभालने में सक्षम बताए जा हैं। पूर्व से पदस्थ महिला TSI एवं नगर सैनिकों के अलावा  पुराने आरक्षकों को भी नहीं हटाया गया है। और महिला आरक्षक को ही चेक पॉइंट प्रभारी बनाकर रखा गया है। इस तरह सिकंदरा एक मात्रा चेक पॉइंट हो गया है जहां दूसरे चेक पॉइंट से तीन गुना स्टाफ और 2 tsi पदस्थ किए गए है। 

Ti पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप

विभागीय कर्मचारियों का आरोप है कि घटना के बाद 13 घंटे तक fir नहीं करने वाला थाने का स्टाफ आरोपियों से मिला हुआ था। इसीलिए पास ही स्थित थाने से पुलिस को पहुंचने में लंबा समय भी लगा और fir के लिए कलेक्टर और sp को हस्तक्षेप करना पड़ा। चर्चा यह भी है कि घटना से कुछ देर पहले 8 अप्रैल की रात उन्हें आरोपियों के साथ शराब पीते देखा गया। अब इस घटना में थाना प्रभारी और थाना स्टाफ की भूमिका की भी जांच हो सकती है।