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राजनीति

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मैं दिन में सपने नहीं देखता, हमें कोई नहीं चाहता, राज्यसभा की दावेदारी पर बोले पूर्व मंत्री डॉ. गोविंदि सिंह

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भोपाल। मध्यप्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म होने से कांग्रेस की एक सीट खाली होने जा रही है। इस एक सीट पर दावेदारी के लिए प्रयास तो कई नेता कर रहे हैं, लेकिन आगे बढक़र दावेदारी किसी ने नहीं की है। 

मध्यप्रदेश की तीन में से दो राज्यसभा सीटों पर भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलना तय है। वहीं भाजपा कांग्रेस के हिस्से की तीसरी सीट जीतने का प्रयास भी करेगी। इस तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारने के संबंध में भाजपा की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन आसंकित कांग्रेस नेता भाजपा पर विधायकों की खरीदी की संभावनाओं के आरोप लगा चुके हैं। इस बीच तीसरी सीट के लिए दावेदारी को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि ‘सच्चाई ये है कि न तो हमें कोई चाहता है, न कुछ होना है। दिन में सपने गोविंद सिंह नहीं देखा करते।’

खडग़े और राहुल लेंगे उम्मीदावार का निर्णय 

डॉ. गोविंद सिंह ने उम्मीदवारों के नामों पर मंथन को लेकर कहा कि कांग्रेस अनुशासित पार्टी है, यहां कोई मंथन नहीं चल रहा है। हाईकमान को उम्मीदवार चुनने का अधिकार है। हमारी पार्टी के अध्यक्ष खरगे जर और राहुल जी जो निर्णय करेंगे, वही सर्वमान्य होगा। भाजपा वाले तमाम लोग तोडऩे का प्रयास करेंगे, लेकिन असफल होंगे।

हाईकमान को राय देना उचित नहीं

डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि जब पूरा निर्णय हमारे हाईकमान पर है, तो राय देना उचित नहीं है। हालांकि, हमारा मानना है कि ऐसे जनाधार वाले नेता को राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए, जो आम जनता और पार्टी के हित में काम करे और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहे। ऐसा प्रतिनिधि प्रदेश में सक्रिय रूप से दौरा करे और भाजपा को आगामी चुनाव में हराने के लिए संघर्ष करे।